तिब्बत में आये भूकम्प ने मचाई तबाही, 126 लोगो की मौत, कई लोग हुए बेघर

By: PalPal India News
January 8, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधि,तिब्बत। तिब्बत में भूकंप ने कई लोगों को उनका घर छीन लिया। जीवित बचे लोगों के लिए ठंड से बचाव और सिर छिपाने की समस्या बढ़ गई है, और बचावकर्मी पीड़ितों की तलाश में जुटे हैं।

तिब्बत में मंगलवार की सुबह आए विनाशकारी भूकंप ने कई लोगों से उनका आशियाना छीन लिया है। इस भीषण आपदा में अपना घर गंवा चुके जीवित बचे लोगों के लिए ठंड से बचाव और सिर ढंकने की खातिर आसरा पाना बहुत ही मुश्किल हो गया है। राहत एवं बचाव कार्य में जुटे बचावकर्मी बुधवार को जिंदा बचे लोगों और पीड़ितों की तलाश में जुटे रहे। अपनी मां को खोने वाले कम्युनिष्ट पार्टी के एक नेता ने भूकंप की भयावता के बारे में बताते हुए कहा कि किसी को भी भागने तक का मौका नहीं मिला था।

भूकंप में कम से कम 126 लोगों की मौत

बता दें कि इस भूकंप में हजारों मकान ध्वस्त हो गए थे और कम से कम 126 लोगों की मौत हो गई थी। भूकंप के बाद जिन लोगों के घर रहने लायक नहीं रह गए हैं, उन्हें आश्रय प्रदान करने के लिए तंबू, रजाई और अन्य राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। लगभग 13,800 फुट की औसत ऊंचाई वाले क्षेत्र में रात में तापमान 0 से काफी नीचे चला गया था। भूकंप की वजह से मंगलवार शाम तक मरने वालों की संख्या 126 हो चुकी थी और 188 अन्य घायल हुए थे। भूकंप माउंट एवरेस्ट और नेपाल के बॉर्डर से लगभग 75 किलोमीटर दूर आया था।

काठमांडू में भी महसूस किए गए झटके

नेपाल की राजधानी काठमांडू में भी भूकंप के झटकों से घबराए लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल आए थे। तिब्बत के गुरुम गांव के कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख त्सेरिंग फुंटसोग ने मंगलवार को चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ को बताया कि मृतकों में गुरुम के 222 निवासियों में से कम से कम 22 लोग शामिल हैं। भूकंप में अपनी जान गंवाने वालों में उनकी 74 वर्षीय मां भी शामिल हैं जबकि उनके कई अन्य रिश्तेदार अभी भी मलबे में दबे हुए हैं। त्सेरिंग फुंटसोग ने कहा,‘भूकंप आने पर युवा भी घरों से बाहर नहीं निकल पाए, बूढ़े और बच्चों की तो बात ही छोड़िए।’

‘1850 रेस्क्यू टीमों को किया गया तैनात’

शिगात्से में सिटी एडमिनिस्ट्रेशन के हवाले से ‘शिन्हुआ’ ने कहा कि शुरुआती सर्वे के मुताबिक 3,600 से ज्यादा मकान ढह गए हैं और 30 हजार लोगों को ट्रांसफर किया गया है। बता दें कि शिगात्से को चीन के लोग शिगाजे कहते हैं। चीन की मीडिया ने कहा है कि फायर ब्रिगेड और अन्य के अलावा आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने 1,850 रेस्क्यू टीमों को तैनात किया है। भूकंप के बाद, इसके बाद आने वाले 500 से ज्यादा झटके दर्ज किए गए हैं। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 बताई थी जबकि चीन के भूकंप केंद्र ने 6.8 की तीव्रता दर्ज की।

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