नई दिल्ली. संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसकी शुरुआत आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 से होगी। इस सत्र में वित्त विधेयक 2025, वक्फ एवं बैंकिंग विनियमन अधिनियम में संशोधन, और भारतीय रेलवे एवं रेलवे बोर्ड अधिनियमों के विलय समेत कुल 16 विधेयक पेश किए जाएंगे। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन, तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास), तटीय एवं व्यापारिक नौवहन, और ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद का नाम बदलकर त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय करने संबंधी विधेयक भी संसद के पटल पर रखे जा सकते हैं। इस विश्वविद्यालय को ‘राष्ट्रीय महत्व का संस्थान’ घोषित करने का प्रस्ताव है।
महत्वपूर्ण विधेयक
विमानन क्षेत्र से जुड़े वित्तीय हितों की सुरक्षा से संबंधित विधेयक
आव्रजन और विदेशियों के प्रवेश नियमों में संशोधन
गोवा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के प्रतिनिधित्व का पुनर्समायोजन
वक्फ संशोधन विधेयक पर विवाद
वक्फ (संशोधन) विधेयक, जो मुस्लिम धर्मार्थ संपत्तियों के प्रबंधन को सुधारने के लिए 44 बदलावों का प्रस्ताव करता है, पिछले साल अगस्त में संसद में पेश किया गया था। इसे भाजपा सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था। हालांकि, इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने विरोध दर्ज कराया। जेपीसी की 36 बैठकों के बावजूद, विपक्षी दलों की 44 सिफारिशों को खारिज कर दिया गया, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा और सहयोगियों की 14 सिफारिशों को स्वीकार किया गया। इस हफ्ते जेपीसी ने संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी।
इस सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना आठवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इससे पहले, मोरारजी देसाई 10 बार बजट पेश कर चुके हैं। इस सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों को लेकर संसद में तीखी बहस और राजनीतिक उठापटक की संभावना जताई जा रही है।