पलपल इंडिया प्रतिनिधि। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में आम बजट 2025 पेश कर रही हैं। इस बजट पर सबकी निगाहें टिकी हैं। बजट के जरिए सरकार मिडिल क्लास को राहत दे सकती है।
मोदी सरकार 3.0 का पहला पूर्णकालिक आम बजट आज पेश हो रहा है। बजट 2025 पर सबकी निगाहें टिकी हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना 8वां बजट पेश कर रही हैं। इससे पहले वह छह पूर्णकालिक और दो अंतरिम बजट पेश कर चुकी हैं। इस बजट से मिडिल क्लास को काफी उम्मीदें हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “इस बजट में प्रस्तावित विकास उपाय 10 व्यापक क्षेत्रों में हैं, जिनमें गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।”
किसानों के लिए बजट में कई घोषणाएं की गई हैं। बजट में किसानों के लिए प्रधानमंत्री धन धान्य योजना का ऐलान हुआ है। वहीं, बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा हुई है। सरकार का फोकस रूरल एरिया में रोजगार बढ़ाने पर है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि बिहार में मखाना बोर्ड का गठन किया जाएगा। यह बोर्ड प्रोडक्शन, मार्केटिंग और किसानों को मदद करने का काम करेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह लगातार आठवां बजट है। इस बार भी पारंपरिक ‘बही-खाता’ शैली की थैली में लिपटे एक डिजिटल टैबलेट के जरिये वे बजट पेश कर रही हैं।
वित्त मंत्री ने बताया कि धन धान्य योजना में 100 जिले शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा वित्त मंत्री ने दालों के आयात को कम करने और इस सेक्टर में देश को आत्मनिर्भर बनाने की बात कही है। वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों के लिए यूरिया फैक्ट्री लगायी जाएगी। असम के नामरूप में यूरिया कारखाना खुलेगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि किसानों के लिए लायी गई घोषणा से 1.7 करोड़ किसानों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि पीएम कृषि योजना के तहत सरकार राज्यों की पार्टनरशिप के साथ एग्रीकल्चरल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लॉन्च करेगी। इसमें कम उत्पादकता वाले 100 जिलों को टार्गेट किया जाएगा। इस प्रोग्राम का उद्देश्य फसल विविधीकरण, टिकाऊ खेती के तरीके, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर फसल के बाद के भंडारण को बढ़ाकर कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है।