नई दिल्ली। फुटबॉल की वैश्विक संस्था फीफा (FIFA) ने एक बार फिर पाकिस्तान फुटबॉल महासंघ (PFF) पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह निलंबन PFF द्वारा संविधान में आवश्यक संशोधन लागू करने में विफल रहने के कारण लगाया गया है। फीफा ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि जब तक PFF कांग्रेस फीफा और एशियाई फुटबॉल महासंघ (AFC) द्वारा सुझाए गए संविधान को मंजूरी नहीं देती, तब तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा।
पहले भी लग चुका है प्रतिबंध
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान फुटबॉल महासंघ को निलंबित किया गया हो। इससे पहले, अप्रैल 2021 में तीसरे पक्ष के अनधिकृत हस्तक्षेप के कारण फीफा ने PFF को बैन कर दिया था, जो कि फीफा के नियमों के खिलाफ था। हालांकि, जून 2022 में यह प्रतिबंध हटा लिया गया था, जिससे पाकिस्तान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम फिर से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकी थी। फीफा के इस नए प्रतिबंध से पाकिस्तान की फुटबॉल संरचना को गंभीर नुकसान हो सकता है। देश में पहले से ही फुटबॉल का विकास कई चुनौतियों से जूझ रहा है, और अब इस फैसले से खिलाड़ियों के करियर और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पाकिस्तान की भागीदारी पर और संकट गहरा सकता है।
फीफा की शर्तें और मौजूदा स्थिति
फीफा ने बयान में कहा, “यह निलंबन तब तक जारी रहेगा, जब तक PFF कांग्रेस फीफा और AFC द्वारा प्रस्तुत संशोधित संविधान को स्वीकार नहीं करती।” इस प्रतिबंध के चलते पाकिस्तान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम किसी भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकेगी। मौजूदा समय में पाकिस्तान की टीम फीफा रैंकिंग में 195वें स्थान पर है।
पाकिस्तान फुटबॉल टीम ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 11 जून, 2024 को ताजिकिस्तान के खिलाफ फीफा विश्व कप क्वालीफायर के तहत खेला था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पाकिस्तान फुटबॉल महासंघ फीफा की शर्तों को स्वीकार कर निलंबन हटाने की प्रक्रिया शुरू करता है या यह विवाद और लंबा खिंचता है।