अयोध्या. अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) में इलाज के दौरान निधन हो गया। 83 वर्षीय आचार्य सत्येंद्र दास पिछले कई दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे। उनके निधन की खबर से राम मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और हिंदू समाज में शोक की लहर दौड़ गई है।
आचार्य सत्येंद्र दास को 2 फरवरी को स्ट्रोक के कारण अयोध्या के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले ट्रामा सेंटर और फिर लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई रेफर किया गया। वे मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित थे। 12 फरवरी को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
आचार्य सत्येंद्र दास ने राम मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और मंदिर निर्माण के लिए समर्पित रहे। उनके मार्गदर्शन में राम मंदिर का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ा। भगवान राम के अनन्य भक्त आचार्य सत्येंद्र दास का जीवन राम मंदिर के लिए सेवा और समर्पण का प्रतीक रहा। उनके निधन से अयोध्या में शोक का माहौल है। धार्मिक और राजनीतिक हस्तियों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। राम मंदिर के पुजारी के रूप में उनकी सेवाओं को सदैव याद रखा जाएगा।