नई दिल्ली. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने कामकाजी महिलाओं के लिए एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने महिलाओं के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ सुविधा की घोषणा की, जिससे वे अधिक उत्पादकता के साथ कार्य-जीवन संतुलन बना सकेंगी। सीएम नायडू ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान कार्यशैली में बड़ा बदलाव आया, और तकनीकी प्रगति के कारण वर्क फ्रॉम होम अब अधिक सुलभ हो गया है। उन्होंने बताया कि रिमोट वर्क, कोवर्किंग स्पेस (CWS) और नेबरहुड वर्कस्पेस (NWS) जैसी सुविधाएं न केवल कर्मचारियों बल्कि व्यवसायों के लिए भी लाभदायक साबित हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने एक्स (Twitter) अकाउंट पर इस निर्णय की जानकारी देते हुए लिखा, “इस पहल से महिलाओं को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन बनाने में सहायता मिलेगी। आंध्र प्रदेश में हम सार्थक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमारी आईटी और जीसीसी नीति 4.0 इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
राज्य सरकार आईटी कंपनियों और डेवलपर्स को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि हर शहर, कस्बे और मंडल में आईटी कार्यालय स्थापित किए जा सकें। इसके साथ ही, आईटी और ग्लोबल कैप्टिव सेंटर (GCC) फर्मों को भी समर्थन देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह कदम सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सीएम नायडू ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं और छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सरकार इन क्षेत्रों में महिलाओं को समान अवसर देने के लिए पूरी तरह समर्पित है।
यह नीति न केवल महिलाओं को कार्यस्थल पर अधिक सुविधा प्रदान करेगी, बल्कि उनके करियर को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगी। आंध्र प्रदेश सरकार की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल साबित हो सकती है और देशभर में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दे सकती है।