इंफाल. मणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले के लामफेल स्थित सीआरपीएफ कैंप में गुरुवार रात एक दर्दनाक घटना घटी। सीआरपीएफ की 120वीं बटालियन के हवलदार संजय कुमार ने अपने ही साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें 3 जवानों की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज इंफाल के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना रात करीब 8:20 बजे हुई, जब हवलदार संजय कुमार ने अपनी सर्विस राइफल से अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में एक कॉन्स्टेबल और एक सब-इंस्पेक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद संजय कुमार ने खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौके पर मौत हो गई।
फिलहाल घटना के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही असली वजह सामने आ सकेगी। इस घटना के बाद, अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। सीआरपीएफ कैंपों में मानसिक तनाव और कामकाजी माहौल को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है। इस घटना के बाद संभावना जताई जा रही है कि जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव को कम करने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मणिपुर में किसी सुरक्षाकर्मी ने अपने साथियों पर हमला किया हो। 23 जनवरी 2024 को चंदेल जिले के साजिक टैम्पक में असम राइफल्स के एक जवान ने अपने 6 साथियों पर गोलियां चला दी थीं और बाद में खुद को भी गोली मार ली थी। उस समय असम राइफल्स के आईजी ने स्पष्ट किया था कि इस घटना का मणिपुर में जारी हिंसा से कोई संबंध नहीं था।