पलपल इंडिया प्रतिनिधि। बॉलिवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के दामाद व ट्रैक्टर कंपनी के मालिक निखिल नंदा समेत नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
दरअसल, बदायूं में अमिताभ बच्चन के दामाद व ट्रैक्टर कंपनी के मालिक निखिल नंदा समेत नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इन लोगों के खिलाफ दातागंज कोतवाली में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है.
डीलर के आत्महत्या के बाद मामला आया सामने
यह मामला एक फार्म ट्रैक्टर कंपनी के डीलर द्वारा आत्महत्या करने के बाद सामने आया. ये सभी सेल बढ़ाने के लिए एजेंसी संचालक को मेंटली टॉर्चर करते थे. एजेंसी बंद करने की धमकी देते थे. जिससे तंग आकर एजेंसी संचालक जितेंद्र ने आत्महत्या कर ली. इसके बाद मृतक के भाई ने एरिया मैनेजर समेत 9 के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया हैं. अदालत के आदेश पर दातागंज कोतवाली में मुकदमा कर अपनी जांच शुरू कर दी हैं. अदालत के आदेश पर दातागंज कोतवाली में ट्रैक्टर एजेंसी के यूपी हेड, एरिया मैनेजर, सेल्स मैनेजर, शाहजहांपुर के डीलर समेत नौ पर एजेंसी मालिक को आत्महत्या को उकसाने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है. दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव पापड़ हमजापुर निवासी ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके सगे भाई जितेंद्र दातागंज स्थित जय किसान ट्रेडर्स फार्म ट्रक ट्रैक्टर की एजेंसी अपने सह पार्टनर के साथ बतौर मालिक के रूप में चलाते थे. सह पार्टनर लल्ला बाबू परिवारिक विवाद के चलते जेल चला गया था. इसके बाद उनका भाई जितेंद्र ही अकेले एजेंसी की देखरेख कर रहा था.
9 लोगों ने किया प्रताड़ित
कंपनी के एरिया मैनेजर अशीष बालियान, सेल्स मैनेजर सुमित राघव, हेड दिनेश पंत बरेली, फाइनेसर क्लेक्शन पंकज भास्कर, सेल्स मैनेजर अमित पंत, सेल्स हेड नीरज मेहरा, सीओएम निखिल नंदा, शाहजहांपुर डीलर शिशांत गुप्ता समेत एक अज्ञात व्यक्ति उनकी एजेंसी पर आए. उनके भाई जितेंद्र को धमकाने लगे. जितेंद्र से इन लोगों ने कहा कि वह बिक्री नहीं बढ़ा रहा है. इससे लाइसेंस निरस्त हो जाएगा. एजेंसी खत्म कर दी जाएगी. उसकी सारी संपत्ति बिक जाएगी. इससे वह तनाव में आ गया और परेशान रहने लगा. वह अक्सर कंपनी के अधिकारियों द्वारा प्रताड़ना के बारे में परिवार व दोस्तों को बता था.
नौ के खिलाफ केस दर्ज
इसी बीच आशीष बालियान समेत अन्य कंपनी के अधिकारी एजेंसी पर आए. जितेंद्र पर बिक्री बढ़ाने का दबाव बनाने लगे. काफी खरी-खोटी सुनाई और उन्हें काफी लज्जित कर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया. इसके चलते 22 नवबंर को जितेंद्र ने आत्महत्या कर ली. जब इसकी शिकायत पुलिस को दी, तो कोई कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.