प्रयागराज। 45 दिनों तक चले महाकुंभ मेले का औपचारिक समापन आज किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अफसरों, कर्मचारियों और विभिन्न संस्थाओं को सम्मानित करेंगे। समारोह के दौरान मेले में बने चार विश्व रिकॉर्ड के प्रमाणपत्र भी सौंपे जाने की उम्मीद है, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि प्रदान करेंगे।
महाकुंभ का समापन और स्नान पर्व
महाकुंभ मेले की शुरुआत 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान पर्व से हुई थी। इसका अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि को बुधवार को संपन्न हुआ। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि 27 फरवरी को समापन की औपचारिक घोषणा होगी। हालांकि, मंगलवार देर शाम तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन का आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ था।
सुविधाएं बनी रहेंगी, श्रद्धालुओं का संगम आगमन जारी
महाशिवरात्रि स्नान के साथ महाकुंभ समाप्त हो चुका है, लेकिन संगम और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए आवश्यक सुविधाएं बहाल रखी जाएंगी। संगम क्षेत्र में स्नानार्थियों की संख्या लगातार बनी हुई है और आगे भी श्रद्धालुओं की भीड़ आने की संभावना है।
पर्यटन को बढ़ावा, सुविधाओं का विस्तार
संगम स्नान के प्रति श्रद्धालुओं की रुचि बढ़ती जा रही है, जिससे यह क्षेत्र सालभर धार्मिक पर्यटन केंद्र बना रहेगा। बाढ़ के दिनों को छोड़कर संगम क्षेत्र में बिजली, शौचालय, पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। महाकुंभ 2025 के बाद संगम क्षेत्र को विश्व पर्यटन के नक्शे पर विशेष पहचान मिली है।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन के अनुसार, संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चकर्ड प्लेट, बिजली, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं बनी रहेंगी। किला घाट और अन्य प्रमुख स्थानों पर खान-पान व जरूरत की वस्तुओं की दुकानें भी खुली रहेंगी। सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यकतानुसार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। संगम क्षेत्र में पार्किंग की समुचित व्यवस्था रहेगी, और वाहनों की संख्या बढ़ने पर परेड ग्राउंड में भी पार्किंग की सुविधा दी जाएगी। आने वाले दिनों में संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार रहेगा।