पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। दुष्कर्म की रिपोर्ट लिखने के लिए थानेदार साहब ने 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़िता के पास पैसे कम थे तो 30 हजार में बात बनी, लेकिन जब थानेदार को रिश्वत मिली तो पीछे से एसीबी की टीम आ गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
दरअसल उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से चील्ह थानेदार शिवशंकर सिंह ने एक लड़की से दुष्कर्म मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए, पीड़ित के परिवार से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित लड़की के मामा ने इतनी रकम देने में जब असमर्थता जतायी तो 30 हजार में मामला तय हुआ। पीड़िता के मामा ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी। शिकायत की जांच करते हुए एंटी करप्शन की टीम गुरुवार को दोपहर बाद चील्ह थाने के पास मंडराने लगी। रिश्वतखोर पुलिसकर्मी का वीडियो सामने आया है। इस पुलिस अधिकारी को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। पकड़े जाने के बाद थानेदार साहब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम के साथ जाने के लिए तैयार ही नहीं थे। ऐसे में उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाया गया। इस घटना का मजेदार वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में घूसखोर थानेदार जोर-जोर से चिल्लाता दिखाई दे रहा है। वह चंगुल से छूटकर भागने की कोशिश भी कर रहा है, लेकिन एंटी करप्शन की टीम चील्ह थानेदार को घसीटते हुए जीप में बैठाकर अपने साथ ले जाती है।
रंगे हाथों पकड़ा
शिकायतकर्ता ने जैसे ही 30 हजार रुपये थानाध्यक्ष को दिए। वैसे ही एंटी करप्शन की टीम भी थाने के अंदर पहुंच गई और थानाध्यक्ष को घूस की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम थानेदार को उनके ही थाने से घसीटते हुए बाहर लाई। थानेदार के हाथ-पैर उठाकर उन्हें अपनी गाड़ी में भरा और साथ ले गयी।