लखनऊ। समाजवादी पार्टी (SP) के नेता अबू आजमी के औरंगजेब संबंधी बयान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शिवसेना प्रवक्ता किरण पावसकर के बाद सांसद नरेश म्हस्के ने भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। दोनों नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अबू आजमी का बयान आपत्तिजनक है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अबू आजमी के खिलाफ ठाणे के वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 299, 302, 356(1), और 356(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने कहा कि आजमी ने मुग़ल शासक औरंगजेब की प्रशंसा कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, इसलिए उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए। शिवसेना प्रवक्ता किरण पावसकर ने कहा कि यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति देश के महापुरुषों का अपमान करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, अबू आजमी ने सोमवार को औरंगजेब की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक इंसाफपसंद शासक था और उसके शासनकाल में भारत “सोने की चिड़िया” बना। उन्होंने कहा कि औरंगजेब के समय धर्म की नहीं, बल्कि सत्ता की लड़ाई थी। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि औरंगजेब के शासन में कई हिंदू मंदिरों का निर्माण हुआ। अबू आजमी के इस बयान पर महाराष्ट्र में राजनीतिक बवाल मच गया है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और शिवसेना नेता शाइना एनसी समेत कई नेताओं ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शाइना एनसी ने कहा कि औरंगजेब वही शासक था जिसने हिंदुओं की आस्था को ठुकराया, मंदिरों को नष्ट किया और आतंक फैलाया। उन्होंने अबू आजमी को इतिहास ठीक से पढ़ने की नसीहत दी।