शिक्षकों के लिए बड़ी चेतावनी जारी, बच्चों को मारने-पीटने पर होगी शिक्षकों पर बड़ी कार्यवाई

By: PalPal India News
March 6, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधि,भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार राज्य ने शिक्षकों के लिए बड़ी चेतावनी जारी है। जिसमें सरकार ने आदेश जारी किया है मध्य प्रदेश में स्कूल में बच्चों को मारने-पीटने पर शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई होगी। मध्य प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बारे में आदेश जारी किया है कि बच्चों को मारने पीटने पर शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं के साथ शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना और भेदभाव पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। सरकार का ये आदेश मध्य प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा।

जानते है क्या है सरकार का आदेश?

दरअसल, यह आदेश लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने जारी किया है और यह सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के टीचरों पर लागू होगा। बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चिट्ठी के बाद मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किया गया है। अक्सर टीचर द्वारा स्कूल में छात्रों को पीटने की खबरे आते रहती हैं। कई बार तो ऐसा भी होता है कि टीचर की पिटाई से बच्चों की हालत इतनी ज्यादा खराब हो जाती है कि उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाना पड़ता है। आदेश में सभी सरकारी और निजी स्कूल में छात्र-छात्राओं के साथ शारीरिक मानसिक प्रताड़ना के साथ भेदभाव पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पत्र के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश देते हुए छात्र-छात्राओं को शारीरिक दंड देने पर पूर्णत प्रतिबंध लगाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है।

अभी हाल ही में 24 फरवरी को यूपी के हरदोई जिले के एक प्राइवेट स्कूल के टीचर पर तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि टीचर ने 10 वर्षीय छात्र से क्लास में पढ़ाते समय एक सवाल पूछा. पूछे गए सवाल का जवाब न देने पर टीचर वे छात्र की बेरहमी से पिटाई की और उसे क्लास में ही मुर्गा बना दिया। इसके बाद  वे टीचर मुर्गा बने बच्चे पर सवार भी हो गया, जिससे बच्चा असंतुलित होकर गिर गया और उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। इस तरह की घटनाएं देश के अलग-अलग राज्यों से आते रहती हैं. इसलिए मध्य प्रदेश में इस तरह का आदेश काफी सराहनीय है।

 

नोटिस में क्या कहा गया?

मध्य प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के अपर संचालक की तरफ से जारी किए गए आदेश में लिखा है कि नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 की धारा 17 (1) के अंतर्गत शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना एवं भेदभाव पूर्णत: प्रतिबंधित है तथा धारा 172 (2) के अंतर्गत दंडनीय अपराध है तथा भारतीय दंड संहिता आईपीसी की धारा 323 के अंतर्गत भी शारीरिक दंड प्रतिबंधित है।

जारी किए गए आदेश में आगे लिखा है- “अतः प्रदेश अंतर्गत समस्त जिलों में संबंधित शासकीय अशासकीय विभाग संस्थानों मे छात्रों को शारीरिक दंड देने की घटनाओं की त्वरित पहचान करने की रोकथाम किए जाने हेतु उचित कदम उठाए जाएं। साथ में किसी विद्यालय शिक्षक द्वारा शारीरिक दंड देने के प्रकरण में तत्काल उपयोग अनुशासनात्मक कानूनी कार्रवाई की जाए।”

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