भारत के इन क्षेत्रों में नहीं मनाई जाती होली, कही श्राप तो कही देवी देवताओं की नाराजगी

By: PalPal India News
March 11, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधि। भारत में त्यौहार विभिन्न तरीकों से मनाये जाते है भारत का हर क्षेत्र अपनी सभ्यताओं और त्योहारों को अपने तरीके से मनाने के लिए प्रसिद्द है। होली त्यौहार सनातन त्योहारों में से मुख्य त्यौहार में से एक है। इस दिन होली के एक दिन पहले होलिका दहन की प्रथा है जिसके बाद दुसरे दिन लोग रंग खेल कर एक दुसरे को गुलाल और टिका लगाकर होली मनाते है। लेकिन देश के कुछ हिस्से ऐसे है जहाँ विभिन्न कारणों से होली मनाई ही नहीं जाती। आइये जानते है भारत देश के कुछ ऐसे क्षेत्र……….

मध्य प्रदेश  भिंड

मध्य प्रदेश के भिंड जिले का कूचीपुरा गाँव एक ऐसा स्थान है जहां सदियों से होली नहीं मनाई जाती। मान्यता है कि किसी संत ने गाँव वालों को श्राप दिया था कि यदि वे होली मनाएंगे तो उनके परिवारों पर विपत्ति आ सकती है। इस डर से गाँव के लोग होली का उत्सव नहीं मनाते।

कसमार गांव, झारखंड

कसमार भारत के झारखंड राज्य में बोकारो जिले के बेरमो उपखंड में कसमार सीडी ब्लॉक का एक गाँव है। इस गाँव में आज से नहीं बल्कि कई वर्षों से होली नहीं मनाई जाती है। यहाँ के लोगों की मान्यता है कि लगभग 100 साल पहले एक राजा की एक बेटी की मौत होली के दिन हो गई थी। इस घटना के बाद राजा की भी मौत हो गई थी। वहां के लोगों का ऐसा मानना है कि मौत से पहले राजा ने लोगों से कहा था कि होली नहीं मानना। तब से यहां होली नहीं मनाई जाती है

उत्तराखंड कुरझन

उत्तराखंड में स्थित कुरझन, क्विली और जौदला गांव में पिछले तीन सौ सालों से होली का त्योहार नहीं मनाया जाता हैं। इस गाँव में होली नहीं मानाने के पीछे की वजह बेहद दिलचस्प है। लोककथा के अनुसार इन तीनों गांव की रक्षा त्रिपुरा देवी करती हैं। यहां के लोगों की मान्यता है कि त्रिपुरा देवी को शोर नहीं पसंद है इसलिए इन तीनों गांव में होली नहीं मनाई जाती है।

रामसन गांव, गुजरात

गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित रामसन गांव में भी लोग होली नहीं खेलते हैं। यहां पिछले 200 साल से होली का त्योहार नहीं मनाया गया है। गांव वालों का मानना है कि इस गांव को कुछ संतों का श्राप मिला है। इसलिए चाहते हुए भी लोग यहां होली का त्योहार नहीं मना पाते हैं।

तमिलनाडु, दक्षिण भारत

दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में होली नहीं खेली जाती है। कहा जाता है कि होली के दिन यहां के लोग होली की जगह वहाँ का स्थानीय पर्व मासी मागम मनाते हैं। लेकिन होली के त्यौहार से उनका कोई सरोकार नहीं होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *