पलपल इंडिया प्रतिनिधि। ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय बैडमिंटन की ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी पीवी सिंधु को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने पहले गेम में तो अच्छा खेल दिखाया था, लेकिन उसके बााद कोरियाई प्लेयर के आगे नहीं टिक पाईं।
सिंधु को ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप के पहले दौर में कोरिया की किम गा युन के खिलाफ पहला गेम जीतने के बावजूद तीन गेम में हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। हालांकि महिला युगल में भारत के लिए अच्छी खबर रही जहां राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता जोड़ी त्रीशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने चीनी ताइपे की शुओ युन सुंग और चिएन हुई यू को 21-17, 21-13 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई।
पीवी सिंधु को एरेना बर्मिंघम में एक घंटे से कुछ अधिक समय चले मुकाबले में दुनिया की 21वें नंबर की खिलाड़ी किम के खिलाफ 21-19, 13-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा। सिंधु ने इससे पहले किम के खिलाफ 2019 में हांगकांग ओपन में एकमात्र मुकाबले में जीत दर्ज की थी। जनवरी में इंडिया ओपन सुपर 750 के क्वार्टर फाइनल से बाहर होने के बाद उसी महीने वह इंडोनेशिया मास्टर्स के पहले दौर से भी आगे बढ़ने में नाकाम रहीं थीं।
सिंधु ने सर्विस में गलती करके किम को सात गेम प्वाइंट दिए और फिर शॉट को नेट पर उलझाकर कोरिया की खिलाड़ी को मुकाबला 1-1 से बराबर करने का मौका दिया। तीसरे और अहम गेम में किम ने तेज शुरुआत करते हुए 7-2 की बढ़त बनाई लेकिन सिंधु ने स्कोर 7-9 कर दिया। किम ब्रेक तक 11-7 से आगे थी। भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद कई शॉट नेट पर और बाहर मारे जिससे किम ने 17-11 की बढ़त बना ली। कोरिया की खिलाड़ी ने ड्रॉप शॉट और फोरहैंड क्रॉस के साथ आठ मैच प्वाइंट हासिल किए। सिंधु ने एक अंक बचाया, लेकिन फिर नेट पर शॉट मारकर मुकाबला गंवा दिया।