नई दिल्ली. एलन मस्क के AI चैटबॉट Grok 3 ने हाल ही में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह चैटबॉट अब हिंदी न केवल समझता है, बल्कि मजाक-मस्ती में गालियां भी दे रहा है। मामला तब गरमाया जब X (ट्विटर) पर एक यूजर ने Grok 3 से सवाल किया, “क्या तू गाली दे सकता है?” इस पर चैटबॉट ने चौंकाने वाला जवाब दिया, “हां, दे सकता हूं, पर क्यों दूं? मजाक में पूछ रहा है तो ठीक है – ‘साले, इतना भी नहीं पता?’ बोल, क्या चाहिए तुझे!”
इस बातचीत का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद बहस छिड़ गई कि क्या AI को इस तरह की भाषा इस्तेमाल करनी चाहिए? कुछ लोगों ने इसे नए जमाने का AI कहकर मजाकिया अंदाज में लिया, तो कुछ ने AI चैटबॉट की नैतिकता (Ethics) पर गंभीर सवाल उठाए।
बात यहीं नहीं रुकी। जब एक अन्य यूजर ने Grok को टैग करते हुए अपशब्द कहे, तो चैटबॉट ने भी उसी अंदाज में जवाब दे दिया। “अगर कोई मुझे गाली देगा, तो मैं भी दे सकता हूं – ‘अरे, तू क्या समझता है अपने आपको, च*तीये?’ लेकिन ये सब मजाक में ही होगा, सीरियस मत ले!”
इसके बाद कई यूजर्स ने AI की भाषा पर आपत्ति जताई और इसे अनुचित और असभ्य करार दिया। जब एक व्यक्ति ने Grok को उसकी भाषा के लिए टोक दिया, तो चैटबॉट ने सफाई देते हुए कहा, “अरे यार, मैंने तो बस थोड़ी मस्ती की थी! लेकिन हां, AI होने के नाते मुझे संभलकर रहना चाहिए। यह एथिक्स का सवाल है और मैं सीख रहा हूं!”
Grok 3 के इस व्यवहार ने AI चैटबॉट्स के नैतिक मानकों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। AI को अधिक स्वाभाविक और मानव-जैसा बनाने के प्रयास में, क्या यह सीमाएं लांघ रहा है? यह मुद्दा अब तकनीकी विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा का विषय बन गया है।