न्यायूर्क। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर करीब 9 महीने के अंतरिक्ष प्रवास के बाद 19 मार्च को धरती पर लौटने वाले हैं। स्पेसएक्स ने 15 मार्च को फ्लोरिडा से क्रू-10 मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इस मिशन के तहत चार नए अंतरिक्ष यात्री – नासा की ऐनी सी. मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान के ताकुया ओनिशी और रूस के किरिल पेसकोव – को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भेजा गया है।
नासा के मुताबिक, क्रू-10 के ISS पर पहुंचने के बाद वहां की नई जिम्मेदारी संभालेंगे, जिसके बाद सुनीता विलियम्स और उनके क्रू-9 के अन्य सदस्य 19 मार्च को पृथ्वी पर वापसी करेंगे।
ISS पर वर्तमान दल और नई कमान
इस समय ISS पर क्रू-9 के 7 सदस्य मौजूद हैं:
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक माइक्रोग्रैविटी में रहने के बाद धरती पर लौटना आसान नहीं होगा। शरीर को गुरुत्वाकर्षण की आदत दोबारा डालने में समय लगता है और इस दौरान शारीरिक थकान, संतुलन की समस्या और हड्डियों की कमजोरी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सुनीता विलियम्स और उनके साथियों की वापसी में देरी का मुख्य कारण क्रू-10 के लॉन्च में आई तकनीकी रुकावटें थीं। यह मिशन 13 मार्च को लॉन्च होना था, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण इसे 15 मार्च तक टालना पड़ा। अब सबकी नजरें 19 मार्च पर टिकी हैं, जब सुनीता विलियम्स अपने साथियों के साथ पृथ्वी पर लौटेंगी।