नई दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 से 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में दो बार कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस नए सिस्टम को लागू करने से पहले, मसौदा नियमों को सार्वजनिक किया जाएगा, और 9 मार्च तक लोग इस पर अपनी राय दे सकेंगे। इसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
छात्रों को पहली परीक्षा के लिए जो परीक्षा केंद्र मिलेगा, वही दूसरी परीक्षा में भी रहेगा। अब अलग से पूरक परीक्षा (सप्लीमेंट्री एग्जाम) नहीं होगी। इसके बजाय, दोनों परीक्षाएं पूरक परीक्षा के रूप में काम करेंगी। यानी, यदि कोई छात्र अपने अंकों में सुधार करना चाहता है, तो वह दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकता है।
सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, छात्रों को दोनों परीक्षाओं की फीस एक साथ भरनी होगी, और इसके लिए परीक्षा शुल्क बढ़ाया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह बदलाव छात्रों के परीक्षा के तनाव को कम करने और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अवसर देने के लिए किया जा रहा है। नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत इसे छात्रों के लिए अधिक लचीला (Flexible) बनाने की कोशिश की जा रही है।
इसके अलावा, CBSE 2026-27 से अपने विदेशी स्कूलों के लिए एक वैश्विक पाठ्यक्रम (Global Curriculum) शुरू करने की योजना बना रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।