पलपल इंडिया प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री साय ने रविवार को जशपुर जिले के आगडीह हवाई पट्टी में रायपुर के थ्री सीजी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी के कैडेट्स से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं के पायलट बनने का सपना साकार कराने के लिए सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कैडेट्स के अनुभव सुने और जशपुर में पहली बार शुरू हुए विमान उड़ान प्रशिक्षण को एक ऐतिहासिक पहल बताया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को हर क्षेत्र में करियर निर्माण के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है। युवा पायलट बनने का भी सपना साकार कर सकते हैं। इसके लिए सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने ये बातें रविवार को जशपुर जिले के आगडीह हवाई पट्टी में रायपुर के थ्री सीजी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी के कैडेट्स से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि जशपुर अब केवल पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं, बल्कि विमानन प्रशिक्षण का नया हब भी बन रहा है।
प्रशिक्षु नितेश प्रजापति ने बताया कि जशपुर का स्वच्छ और खूबसूरत वातावरण उड़ान प्रशिक्षण के लिए बहुत उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि मेरा सपना एयरफोर्स पायलट बनने का है और यह प्रशिक्षण उस दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जशपुर में काजू, चाय पत्ती, नाशपाती और सेब की खेती बड़े पैमाने पर हो रही है, जिससे यहां की कृषि को नया आयाम मिला है।
उन्होंने माइक्रो लाइट एयर स्क्वाड्रन विमान को देखकर तकनीकी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैडेट्स को जशपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाए। इससे वे जिले के प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से परिचित हो सकें। जशपुर में काजू, चाय पत्ती, नाशपाती और सेब की खेती बड़े पैमाने पर हो रही है, जिससे यहां की कृषि को नया आयाम मिला है। इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, विधायक रायमुनी भगत, उपस्थित थे।
प्रशिक्षुओं को सात मार्च से विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान विमान आकाश में उड़ान भरने के बाद सुरक्षित लैंड करता है, जिससे प्रशिक्षुओं को व्यवहारिक अनुभव मिलता है।
रायपुर से बाहर पहली बार जशपुर जिले में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। 100 कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आगडीह हवाई पट्टी की लंबाई 1200 मीटर और चौड़ाई 25 मीटर है। यहां सिंगल इंजन ट्विन-सीटर वायरस एसडब्ल्यू-80 विमान से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह 20,000 फीट की अधिकतम ऊंचाई तक उड़ सकता है।
हालांकि, फिलहाल प्रशिक्षण के लिए 1,000 फीट की ऊंचाई तक ही उड़ान संचालित की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि एनसीसी एयर विंग के सी सर्टिफिकेट में उच्च ग्रेडिंग प्राप्त करने वाले सीधे एयरफोर्स इंटरव्यू के लिए पात्र माने जाते हैं।