चंडीगढ़। पंजाब के संगरूर में गंजेपन के इलाज के लिए लगाए गए एक कैंप ने सैकड़ों लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। काली माता मंदिर में आयोजित इस फ्री हेयर ट्रीटमेंट कैंप में लोग बाल झड़ने की समस्या से निजात पाने पहुंचे थे, लेकिन इलाज के दौरान इस्तेमाल की गई दवा से उनकी आंखों में गंभीर संक्रमण हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि 65 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, इस कैंप में बालों की समस्या के समाधान का दावा करते हुए एक विशेष तेल दिया गया था। इसे लगाने और धोने के बाद कई लोगों को आंखों में जलन, लाली और तेज दर्द की शिकायत होने लगी। डॉक्टरों का मानना है कि इस तेल में कोई हानिकारक रसायन हो सकता है, जिसके कारण यह संक्रमण फैला।
डॉ. ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कैंप के आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी, जबकि इसमें लगभग 1,000 लोग शामिल हुए थे। अब प्रशासन यह जांच कर रहा है कि इस आयोजन के पीछे कौन जिम्मेदार था और इसमें किन लोगों की संलिप्तता थी।
इस मामले में दो लोगों—तेजिंदर पाल सिंह (जेपी कॉलोनी, संगरूर) और अमनदीप सिंह (बिलासपुर गांव, लुधियाना)—को आरोपी बनाया गया है। तेजिंदर पाल सिंह पेशे से वकील हैं, जबकि अमनदीप सिंह एक नाई का काम करता है।