नई दिल्ली। रूस की 17 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी मीरा एंड्रीवा ने इंडियन वेल्स ओपन के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व की नंबर 1 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका को 2-6, 6-4, 6-3 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। यह उनका लगातार दूसरा डब्ल्यूटीए 1000 खिताब है। एंड्रीवा 1999 में सेरेना विलियम्स के बाद सबसे कम उम्र में इंडियन वेल्स ओपन जीतने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। इसके अलावा, 1998 में मार्टिना हिंगिस और सेरेना विलियम्स के बाद वे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाली तीसरी सबसे युवा खिलाड़ी भी हैं।
एंड्रीवा ने पिछले महीने दुबई ड्यूटी फ्री टेनिस चैंपियनशिप में अपना पहला डब्ल्यूटीए 1000 खिताब जीता था। इस फाइनल में उन्होंने एक सेट से पिछड़ने के बावजूद जोरदार वापसी की और लगातार 12वां मैच जीतकर नया रिकॉर्ड कायम किया। वे 2009 के बाद से लगातार 12 डब्ल्यूटीए 1000 मैच जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई हैं। जीत के बाद कोर्ट पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा:- “मैं अंत तक लड़ने और खुद पर विश्वास बनाए रखने के लिए खुद को धन्यवाद देना चाहूंगी। मैंने आज पूरी ताकत से दौड़ने की कोशिश की और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया। यह बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मैं गर्व महसूस कर रही हूं कि मैं जीत हासिल कर सकी।”
एंड्रीवा ने इस जीत के साथ टोक्यो 2005 में मारिया शारापोवा के बाद किसी डब्ल्यूटीए फाइनल में विश्व नंबर 1 खिलाड़ी को हराने वाली सबसे युवा खिलाड़ी का खिताब हासिल किया। वे पिछले 40 वर्षों में तीसरी ऐसी 17 साल की या उससे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में विश्व की नंबर 1 और नंबर 2 दोनों खिलाड़ियों को हराया है। सेमीफाइनल में उन्होंने नंबर 2 खिलाड़ी इगा स्वीयाटेक को हराकर उनकी खिताब बचाने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।