पलपल इंडिया प्रतिनिधि। होली के आठवें दिन शीतला अष्टमी का व्रत रखा जाता है। आज 22 मार्च, शनिवार को यह व्रत रखा गया है। शीतला माता की पूजा से आरोग्य का वरदान मिलता है। इसे बसौड़ा भी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता है। बासोड़ा की पूर्व संध्या पर बनाया गया भोजन ही मां शीतला को मीठे चावल व दही और पूड़ी हलवे का भोग लगाकर ग्रहण किया जाता है।
शीतला अष्टमी व्रत पूरे देश में रखा जाता है, लेकिन उत्तर और मध्य भारत में इसका विशेष महत्व है। महिलाएं एक दिन पहले ही भोजन बना लेती हैं, सुबह ब्रह्म मुहूर्त में माता की पूजा के बाद इसका भोग लगाया जाता है और इसी के सेवन पूरा परिवार दिनभर करता है।
शीतला अष्टमी पर अच्छी सेहत के लिए विधि-विधान के साथ शीतला माता की पूजा करें। मां को कुमकुम, रोली, अक्षत और लाल रंग के फूल आदि चीजें अर्पित करें। इसके बाद देवी को बासी पूड़ी-हलवे का भोग लगाएं। ऐसा करने से रोग-दोष से मुक्ति मिलेगी। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा