दिल्ली में अब नवरात्रि और ईद को लेकर नया विवाद, मंदिरों के पास बनी मीट की दुकानें बंद कराई जाए-बीजेपी विधायक रवींद्र नेगी

By: PalPal India News
March 26, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधि। देश की राजधानी दिल्ली में अब नवरात्रि और ईद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पटपड़गंज से भारतीय जनता पार्टी के विधायक रवीन्द्र नेगी ने नवरात्रि के मौके पर मीट की दुकानों को बंद किए जाने की मांग की है। नेगी का कहना है कि नवरात्रि हिंदू आस्था का पर्व है और मंदिरों के सामने मीट की दुकानें खुलने से भावनाएं आहत होती हैं, इसलिए इन्हें बंद रखा जाए। उन्होंने पटपड़गंज में मंदिरों के पास स्थित मांस की दुकानों को बंद भी करवा दिया है। नेगी ने विधानसभा में ये मुद्दा उठाते हुए दिल्ली सरकार से मांग की है कि नवरात्रि के दौरान पूरी दिल्ली की मटन शॉप्स को बंद किया जाए।

दिल्ली के बीजेपी विधायक रविंद्र नेगी ने नवरात्रि के दौरान मंदिरों के पास मीट की दुकानों को बंद करने की मांग की। वहीं, AAP विधायक जुबैर अहमद ने शराब की दुकानों को भी बंद करने की मांग की। नेगी की मांग का मुस्लिम समुदाय ने विरोध किया।

पहले भी वायरल हुआ था वीडियो

बता दें कि इससे पहले भी रविंद्र नेगी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वह अपने विधानसभा क्षेत्र पटपड़गंज में मीट बेच रहे दुकानदारों से मंगलवार को मीट की दुकानें बंद रखने को कह रहे हैं। नेगी का कहना था कि उनके विधानसभा क्षेत्र पटपड़गंज में मीट की ये दुकानें मंदिर के पास हैं इसलिए मंदिर जाने वालों लोगों को परेशानी होती है। लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचे इसलिए उन्होंने दुकानदारों से हर मंगलवार को अपनी दुकानें बंद रखने को कहा है। हालांकि तब भी दुकानदारों ने नेगी के इस फरमान पर सवाल उठाया था।

क्या नवरात्रि पर मीट की दुकानें बंद करने को लेकर कोई कानून है?

आपको बता दें कि नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानों को बंद कराने के लिए कोई विशेष कानून नहीं है, लेकिन कुछ जगहों पर स्थानीय प्रशासन या धार्मिक संगठनों द्वारा इस संबंध में अनुरोध किए जाते हैं, जो कि धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित होते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में नवरात्रि के मौके पर कई दुकानदार मीट की दुकानें बंद कर देते हैं। हालांकि कई जगहों पर पूरी नवरात्रि के दौरान मीट की सभी दुकानों के बंद किए जाने की मांग की जाती रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *