लंदन. लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाषण के दौरान छात्रों के एक समूह ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए बलात्कार और हत्या की घटना समेत चुनाव बाद हुई हिंसा पर सवाल उठाए।
ममता बनर्जी ने इन सवालों का जवाब देने की कोशिश की, लेकिन विवाद तब बढ़ गया जब उन्होंने 1990 के दशक की अपनी एक तस्वीर दिखाई, जिसमें वे पट्टियों में लिपटी नजर आ रही थीं। उन्होंने दावा किया कि यह तस्वीर इस बात का प्रमाण है कि उनके खिलाफ विपक्ष ने हत्या की साजिश रची थी।
हालांकि विरोध के बावजूद ममता बनर्जी ने अपना भाषण जारी रखा और राष्ट्रीय एकता, महिला सशक्तिकरण तथा बंगाल सरकार की योजनाओं पर चर्चा की। स्वामी विवेकानंद का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “अगर मैं मर भी जाऊं, तो मरने से पहले एकता देखना चाहती हूं। एकता हमारी ताकत है, जबकि बंटवारा पतन का कारण बनता है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार हर जाति और धर्म के लोगों के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कन्याश्री और लक्ष्मी भंडार जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, “जब मैं सत्ता में हूं, तो समाज को बांट नहीं सकती। मेरा कर्तव्य गरीबों और कमजोर वर्गों की भलाई के लिए काम करना है। हमें सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा।”