नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को एक नई कोऑपरेटिव टैक्सी सर्विस ‘सहकार टैक्सी’ लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य देशभर में बाइक, कैब और ऑटो-रिक्शा सेवाएं प्रदान करना है। इस पहल का मकसद ओला, उबर और रैपिडो जैसी निजी कंपनियों के वर्चस्व को चुनौती देना और ड्राइवरों को सीधे लाभ पहुंचाना है।
केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संसद में इस सेवा की घोषणा करते हुए कहा कि ‘सहकार टैक्सी’ के तहत देशभर में दोपहिया टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और चार पहिया टैक्सी का पंजीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा, “इस सेवा से होने वाला लाभ किसी बड़े उद्योगपति के पास नहीं जाएगा, बल्कि वाहन चालकों को ही मिलेगा।”
इस सरकारी पहल का उद्देश्य एक ऐसा ट्रांसपोर्ट विकल्प देना है, जहां ड्राइवरों को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा कंपनियों के साथ साझा न करना पड़े, जिससे वे अधिक वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त कर सकें।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ‘सहकार टैक्सी’ सेवा आने वाले महीनों में शुरू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि यह सेवा न सिर्फ यात्रियों के लिए किफायती और भरोसेमंद हो, बल्कि ड्राइवरों के लिए भी एक बेहतर आर्थिक अवसर साबित हो। इस योजना के तहत सरकार एक सहकारी बीमा कंपनी भी शुरू करने जा रही है, जो लोगों को विस्तृत और सस्ती बीमा सेवाएं प्रदान करेगी। अमित शाह ने दावा किया कि यह कंपनी जल्द ही निजी बीमा कंपनियों को टक्कर देगी और देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी बनने की क्षमता रखती है।