पलपल इंडिया प्रतिनिधि। नगर निगम में 1800 करोड़ का बजट पेश किया गया. महापौर जगत बहादुर सिंह अनु ने कहा “आने वाले 2 सालों में जबलपुर मध्य प्रदेश के 2 बड़े शहर भोपाल और इंदौर से भी आगे निकल जाएगा.” उनका दावा है कि “पिछली बार के सर्वे में जबलपुर की हवा सबसे साफ आई थी. इस बार के सर्वे में हम प्रदेश के सबसे साफ शहर बनकर सामने आएंगे.” हालांकि बजट पर चर्चा नहीं हो सकी. इस बात को लेकर विपक्ष ने नाराजगी जताई.
जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह अनु ने कहा “जबलपुर के एयर क्वालिटी इंडेक्स को सुधारने के लिए यहां छोटे बड़े 200 गार्डन डेवलप किए गए हैं. जिसकी वजह से ही शहर की हवा साफ हुई है. वहीं पिछली बार के स्वच्छता सर्वेक्षण में जहां जबलपुर देश में 13वें स्थान पर था. इस बार हम देश में सबसे साफ शहर होने का दावा कर रहे हैं. जबलपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स पहली प्राथमिकता होगी, जिससे हमारा स्थान पहले से बेहतर हो सकेगा.”
महापौर जगत बहादुर सिंह ने कहा कि “इस बजट में जबलपुर के विकास के कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए हैं. जबलपुर में आम आदमियों को परिवहन की सस्ती सुविधा मिले इसलिए जबलपुर में 100 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का प्रस्ताव रखा गया है. ये बसें जबलपुर की मौजूदा मेट्रो बसों का स्थान लेंगी.”
जबलपुर में श्रीनाथ की तलैया के नाम से एक बड़ा मैदान है. यह मैदान जबलपुर की बिल्कुल बीचो-बीच है. इस मैदान पर जबलपुर नगर निगम, इंदौर की ’56 दुकान’ की तर्ज पर खाने-पीने का बाजार विकसित करने जा रहा है. इसके लिए भी बजट में प्रस्ताव रखा गया है.
जबलपुर में 2 दर्जन तालाब है लेकिन बहुत से तालाब दुर्दशा के शिकार हैं. 2025-26 के बजट में नगर निगम ने 8 तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए 12 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है. इसके अलावा 10 तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए एनजीओ से भी मदद ली जाएगी.
जगत बहादुर सिंह ने बताया कि “जबलपुर के साढ़े 3 लाख घरों में अगले साल तक नर्मदा जल पहुंचने लगेगा. इसके साथ ही जबलपुर नगर निगम वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने की तैयारी कर रहा है.
जबलपुर नगर निगम में कांग्रेस विपक्षी पार्टी है. कांग्रेस नेता अयोध्या तिवारी ने कहा कि “बजट में जो वादे किए गए हैं, वह पूरी तरह जमीन पर नहीं उतरते. पिछले बजट में जो वादे किए गए थे, उनमें से मात्र 30 से 40% वादे ही पूरे हो पाए हैं. उम्मीद करते है कि पिछली बार से इस बार कुछ बेहतर हो.”