सुकमा. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षाबलों ने कुख्यात नक्सली लीडर जगदीश उर्फ बुधरा को मार गिराया, जिससे अब तक मारे गए नक्सलियों की संख्या 17 हो गई है।
जगदीश उर्फ बुधरा दरभा डिवीजन का इंचार्ज था और उसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह सुकमा जिले के पिट्टेडब्बा (थाना कूकानार) और पाउरगुडेम (थाना पामेड़) का निवासी था। करीब 40 साल के बुधरा ने नक्सली संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह झीरम घाटी हत्याकांड में शामिल था, जो छत्तीसगढ़ में हुई सबसे बड़ी राजनीतिक हिंसा में से एक थी। इसके अलावा, 2023 में सुकमा के अरणपुर में हुए हमले में भी उसकी संलिप्तता थी, जिसमें डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान शहीद हुए थे।
सुरक्षाबलों के लिए यह मुठभेड़ नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। डीआरजी और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम को 28 मार्च को नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद उप्पमपल्ली गांव के पास ऑपरेशन शुरू किया गया। खबर थी कि नक्सली राशन लेने पहुंचे थे, इसी दौरान सुरक्षाबलों ने पहले से इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया और फायरिंग में कई नक्सली ढेर हो गए।
बुधरा जैसे बड़े नक्सली कमांडर का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए एक अहम जीत है। यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सल गतिविधियों को कमजोर करने में सहायक साबित हो सकती है।