मध्य प्रदेश की पवित्र धार्मिक नगरी उज्जैन को महाकाल की नगरी के रूप में जाना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए आते हैं। यदि आप उज्जैन की यात्रा कर रहे हैं, तो महाकाल के साथ-साथ यहां स्थित कुछ अन्य प्रसिद्ध देवी मंदिरों के दर्शन भी अवश्य करें। ये मंदिर उज्जैन की आध्यात्मिक यात्रा को संपूर्ण बनाते हैं।
1. चिंतामण गणेश मंदिर
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर में भगवान चिंतामण गणेश की स्थापना भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के दौरान की थी। वहीं, इच्छामन और सिद्धिविनायक गणेश की स्थापना लक्ष्मण और सीता माता ने की थी। ऐसा माना जाता है कि चैत्र माह के बुधवार को इस मंदिर में दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और व्यक्ति चिंताओं से मुक्त हो जाता है।
2. गढ़कालिका देवी मंदिर
मां गढ़कालिका को तंत्र-मंत्र की देवी के रूप में जाना जाता है। उज्जैन के कालीघाट क्षेत्र में स्थित यह प्राचीन मंदिर तांत्रिक साधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। नवरात्रि के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, और मां के दर्शन मात्र से ही सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
3. काल भैरव मंदिर
भगवान काल भैरव को शिव के रुद्र अवतार के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि इनकी आराधना से शत्रुओं और संकटों से मुक्ति मिलती है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहां भगवान काल भैरव को मदिरा (शराब) का भोग लगाया जाता है, जिसे वे स्वयं ग्रहण करते हैं। भक्तों को प्रसाद स्वरूप भी मदिरा दी जाती है।
4. हरसिद्धि माता मंदिर
माता हरसिद्धि को सम्राट विक्रमादित्य की आराध्य देवी माना जाता है। यह मंदिर 51 शक्ति पीठों में से एक है और यहां प्रतिदिन 1051 दीपों से भव्य आरती की जाती है। नवरात्रि के दौरान देशभर से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए यहां आते हैं। अन्य शक्ति मंदिरों की तुलना में इस मंदिर में पूजन और आरती की परंपराएं विशेष रूप से अलग हैं। यदि आप उज्जैन की धार्मिक यात्रा पर हैं, तो इन सिद्ध स्थलों के दर्शन अवश्य करें और अपनी यात्रा को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाएं।