पलपल इंडिया प्रतिनिधि। दमोह के मिशन अस्पताल में हार्ट सर्जरी के बाद जिन सात मरीजों की मौत का दावा किया जा रहा है, उनमें से पांच की पहचान हो गई है। मामले में आरोपी डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ नरेंद्र जॉन केम के खिलाफ कोतवाली में रविवार देर रात एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें दो अन्य को भी आरोपी बनाया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) मुकेश जैन ने ये एफआईआर कराई है। उन्होंने पांचों मरीजों के परिजन को पत्र लिखकर बयान देने के लिए बुलाया है। इनके बयान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम दमोह सर्किट हाउस में दर्ज करेगी।
मामला 4 अप्रैल को सामने आया, जब राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की। इसमें मिशन अस्पताल में 7 हार्ट पेशेंट्स की मौत और फर्जी डॉक्टर का जिक्र किया। मामले की जांच टीम में सीएमएचओ अशोक जैन के अलावा जिला अस्पताल के डॉ. विशाल शुक्ला और डॉ. विक्रांत चौहान शामिल थे। जांच में मरीजों की मृत्यु एन्जियोग्राफी और एन्जियोप्लास्टी की वजह से होना पाया गया है। मिशन अस्पताल पर इससे पहले ह्यूमन ट्रैफिकिंग और धर्मांतरण का आरोप भी लग चुका है। अब दावा है कि यहां डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ नरेंद्र जॉन केम नाम के शख्स ने लंदन के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एनजोन केम के नाम से प्रैक्टिस की। 15 हार्ट ऑपरेशन भी किए। इनमें से 7 मरीजों की मौत हो गई। पूछताछ शुरू होते ही खुद को कार्डियोलॉजिस्ट बताने वाला डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ नरेंद्र जॉन केम भाग निकला।