पलपल इंडिया प्रतिनिधि। कांग्रेस अहमदाबाद में आयोजित होने जा रहे अधिवेशन में संगठन सृजन और जवाबदेही पर जोर देने के साथ ही सामने खड़ी चुनौतियों से निपटने और अपनी चुनावी किस्मत संवारने की रूपरेखा तय करेगी। गुजरात में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) का यह अधिवेशन 64 साल के बाद हो रहा है।
गुजरात में कांग्रेस पिछले कुछ दशकों में लगातार कमजोर होती जा रही है। बीजेपी के लगातार वर्चस्व और संगठनात्मक मजबूती के सामने कांग्रेस पार्टी को कई चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। लेकिन अब कांग्रेस ने राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए मास्टरप्लान तैयार किया है।
गुजरात में अब छठी बार कांग्रेस की ऐसी बैठक 8 और 9 अप्रैल, 2025 को अहमदाबाद में मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हो रही है।अधिवेशन 9 अप्रैल को होगा और इससे एक दिन पहले आठ अप्रैल को विस्तारित कार्य समिति की बैठक होगी। इस बैठक में अधिवेशन के एजेंडे पर मुहर लगाई जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दोनों बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, एलओपी राहुल गांधी, कांग्रेस शासित राज्यों के सभी सीएम, पार्टी के शीर्ष नेता, कार्य समिति के सदस्य, वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय कमेटी के सदस्य शामिल होंगे।
इस साल पार्टी की निगाहें बिहार विधानसभा चुनाव पर हैं जहां वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है। कांग्रेस की चुनावी किस्मत के लिहाज से अगला साल महत्वपूर्ण रहेगा जब वह केरल और असम के विधानसभा चुनाव में सत्ता के दावेदार के रूप चुनावी समर में उतरेगी। वह अगले वर्ष ही तमिलनाडु में द्रमुक के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी, हालांकि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में उसने फिलहाल गठबंधन को लेकर तस्वीर साफ नहीं की है।