भारत सरकार पुराने मोबाइल सिम कार्ड को बदलेगी, सिम कार्डों में चीन में बने चिपसेट की मौजूदगी, सुरक्षा का बड़ा खतरा

By: PalPal India News
April 8, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधि।  NCSC की जांच में कुछ सिम कार्डों में चीन में बने चिपसेट की मौजूदगी मिली है। जिससे बताया जा रहा है की वो सब्‍सक्राइबर की पहचान को स्‍टोर रखते हैं। इससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हुई हैं। जिसके बाद अब भारत सरकार पुराने मोबाइल सिम कार्ड बदलने के बारे में सोच रही है।

आपको बता दे NCSC यानी नेशनल साइबर सिक्‍योरिटी को ऑर्डिनेटर की जांच के बाद सिम कार्ड बदलने के बारे में सोचा जा रहा है। क्यूंकि मिंट की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है की जांच में कुछ सिम कार्डों में चीन में बने चिपसेट की मौजूदगी मिली है। इससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जो चिपसेट, सिम कार्डों में मिले हैं, वो सब्‍सक्राइबर की पहचान को स्‍टोर रखते हैं। सरकार की ओर से जियो, एयरटेल और वीआई यानी वोडा-आइडिया के अधिकारियों के साथ बैठक भी की गई है। बैठक में टेलिकॉम संसाधनों की खरीद में सुरक्षा खामियों को दूर करने पर बात हुई। इस पर भी चर्चा की गई कि सिम कार्ड बदलने के लिए एक ढांचा कैसे तैयार किया जाए।

टेलिकॉम ऑपरेटरों को भी नहीं थी जानकारी

भारत सरकार ने कुछ साल पहले ही प्रमुख चीनी कंपनियों के उपकरणों पर रोक लगा दी थी। चीन की प्रमुख कंपनियां हुवावे और जेडटीई, भारतीय कंपनियों के साथ अब काम नहीं कर रहीं। अमेरिका भी हुवावे पर लगाम कस चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की मंजूरी के बिना चीन से सिम चिपसेट खरीदना, टेलिकॉम ऑपरेटरों की सोर्सिंग पर सवाल उठाता है। हालांकि ऐसा लगता है कि टेलिकॉम ऑपरेटरों को भी यह जानकारी नहीं थी कि जो सिम कार्ड खरीदे जा रहे हैं, उनमें चीनी चिप की मौजूदगी है। इसलिए सरकार इस बारे में ज्‍यादा जानकारी शेयर करने से बच रही है। यह रिपोर्ट दो अधिकारियों के हवाले से तैयार की गई है, जिन्‍होंने नाम ना छापने की शर्त पर यह जानकारी दी है। किन सिम कार्ड विक्रेताओं ने चीनी चिप का इस्‍तेमाल किया, यह जानकारी भी नहीं दी गई है।

सिम कार्ड बदलने पर जो खर्च आएगा वह टेलिकॉम ऑपरेटरों उठाएंगे

सिम कार्डों में चीनी चिप की मौजूदगी, सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। सिम कार्ड बदलकर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्‍य में चीनी चिप वाले सिम भारतीय मार्केट में ना आएं। हालांकि इस काम में कुछ तकनीकी और कानूनी समस्‍याएं आएंगी। सिम कार्ड बदलने पर जो खर्च आएगा, उसे मुख्‍य तौर पर टेलिकॉम ऑपरेटरों को ही उठाना होगा।

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