जबलपुर। लघु काशी कहे जाने वाले गढ़ा क्षेत्र के पचमठा परिसर स्थित हनुमान मंदिर में इस वर्ष भी हनुमान जन्मोत्सव को भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया जाएगा। इस बार यह उत्सव विशेष रूप से खास है क्योंकि हनुमान मंदिर सेवा समिति और महिला मंडल अपना रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं।
हर वर्ष की तरह इस बार भी तीन दिवसीय आयोजन रखा गया है, लेकिन रजत जयंती के अवसर पर धर्म, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम भक्तों को देखने को मिलेगा। पिछले तीन वर्षों से समिति द्वारा हनुमत लला को एक टन लड्डू का महाभोग अर्पित किया जा रहा है। इस बार यह परंपरा और भव्य रूप में निभाई जाएगी।
देश के कोने-कोने से आएंगे पारंपरिक पकवान- इस वर्ष खास बात यह है कि महाबली हनुमान जी को देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
आगरा का पेठा
मथुरा के पेड़े
कोलकाता का संदेश
महाराष्ट्र के खास पकवान ‘मोदी’
तिरुपति बालाजी के प्रसाद स्वरूप लड्डू
कश्मीर के ड्राई फ्रूट्स
मिलेट्स से बने पारंपरिक व्यंजन और कोदो-कुटकी की विशेष खीर
गुजरात का फाफड़ा, राजस्थान का घेवर,
बनारस का प्रसिद्ध पान
मध्यप्रदेश और महाकौशल क्षेत्र के स्थानीय व्यंजन
यह महाभोग श्रद्धा और विविधता का प्रतीक होगा, जिसमें भारत की सांस्कृतिक रसोई की समृद्धि झलकेगी। इस महोत्सव में अर्पित किए गए प्रसाद को न सिर्फ शहर और प्रदेश में, बल्कि देशभर के अन्य शहरों में भी वितरित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुण्य अवसर का लाभ प्राप्त कर सकें। हनुमान जी के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां पूरे जोश और श्रद्धा के साथ चल रही हैं, और समिति इसे एक स्मरणीय आयोजन बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।