कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कोलकाता में जैन समुदाय के एक कार्यक्रम में बोलते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि वक्फ (संशोधन) कानून राज्य में लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अल्पसंख्यक समुदायों और उनकी संपत्तियों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे पता है कि वक्फ कानून को लेकर आप चिंतित हैं, लेकिन आप निश्चिंत रहें। बंगाल में हम ऐसा कुछ नहीं होने देंगे जो ‘बांटो और राज करो’ की राजनीति को बढ़ावा दे।”
उन्होंने बांग्लादेश का हवाला देते हुए कहा कि वहां की वर्तमान स्थिति पर नज़र डालने की ज़रूरत है और ऐसे समय में इस तरह का विधेयक पारित नहीं किया जाना चाहिए था। गौरतलब है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक हाल ही में संसद के दोनों सदनों में चर्चा के बाद पारित हुआ। लोकसभा में यह विधेयक गुरुवार को पास हुआ, जबकि राज्यसभा में इसे शुक्रवार तड़के मंजूरी मिली। इसके बाद शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे अपनी स्वीकृति दे दी।
हालांकि केंद्र सरकार इस कानून की मंशा पहले ही स्पष्ट कर चुकी है, मगर ममता बनर्जी का इसे बंगाल में लागू न करने का निर्णय एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। यह कदम खासकर आगामी लोकसभा चुनावों से पहले अल्पसंख्यक समुदायों के बीच उनकी पकड़ को और मजबूत कर सकता है।