पलपल इंडिया प्रतिनिधि। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल नगर निगम की अरवलिया गौशाला में बुधवार को तीन गायों की भूख-प्यास से मौत हो गई। इसके अलावा आठ से अधिक गायें गंभीर रूप से बीमार हैं। गौशाला में चारा-पानी का इंतजाम नहीं था, जिससे सैकड़ों गोवंश खुले मैदान में थे। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौशाला में प्रदर्शन किया और जांच की मांग की।
इस बात की पुष्टि इस बात से हुई थी कि गोशाला में प्रशासनिक टीम के पहुंचने तक गायों के लिए चारा-पानी का इंतजाम तक नहीं था। इस कड़ी धूप में सैकड़ों गोवंश खुले मैदान में थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौशाला में प्रदर्शन किया। बजरंग दल के कार्यकर्ता शुभम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में दावा किया कि गौशाला में 10 से 15 गोवंश की मौत हुई है। इसमें से कई के शव तालाब के किनारे फेंक दिए गए हैं। नगर निगम की गोवर्धन शाखा परियोजना का सालाना बजट 40 करोड़ रुपये है। इसके बाद भी गोवंश को पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। नगर निगम द्वारा शहर में संचालित किए जा रहे पांच काजी हाउस की भी स्थिति कुछ इसी तरह है।
बजरंग दल मध्य भारत प्रांत के संयोजक सुशील सुडेले ने बताया कि मौके पर पहुंचने पर तीन गायें मृत मिली थीं। वहीं सात गोवंश मरणासन्न अवस्था में थे। वहां कई अनियमितताएं हैं। 665 गोवंश के रखे जाने का रिकॉर्ड है, लेकिन वहां 300-400 गोवंश मौजूद थे।
नगर निगम के गोवर्धन परियोजना अधिकारी समुंदर शर्मा का कहना है कि यहां बीमार गोवंश को भेजा जाता है, जिनकी हालत पहले से ही खराब होती है। उनका कहना है कि रोजाना 10 बीमार गोवंश को पकड़ा जाता है और गौशाला भेजा जाता है, जहां वे बीमारी से मर जाते हैं।