पलपल इंडिया प्रतिनिधि। सूरत की हीरा फैक्ट्री के वॉटर कुलर में जहर मिलाकर 118 श्रमिकों की सामूहिक हत्या की कोशिश के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सूरत की कापोड्रा पुलिस ने कारखाने में काम करने वाले को युवक को गिरफ्तार किया है। कर्ज बढ़ जाने से परेशान युवक ने आत्महत्या करने के लिए जहर का पैकेट खरीदा था पर हिम्मत नहीं जुटा पाया और डर के मारे जहर का पैकेट वॉटर कूलर में डाल दिया।
सूरत के जॉन 1 डीसीपी आलोक कुमार ने बताया फैक्ट्री के मुख्य मेनेजर का रिश्तेदार निकुंज देव मुरारी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। उसी ने 31 मार्च को जहर का पैकेट खरीदा था। 9 मार्च को सुबह उसी ने जहर का पैकेट कारखाने में पानी के टैंक में पैकेट डाल दिया था। उसके बाद काम पर आए कुछ श्रमिकों ने कूलर से पानी की बोतल भरी तो कुछ देर बाद उसी ने फैक्ट्री मैनेजर को पानी में दुर्गंध आने की शिकायत की थी और श्रमिकों को पानी पीने से रोका। पानी पीने वाले श्रमिकों की तबियत बिगड़ने लगी। कूलर को खोलकर देखा गया तो अंदर से जहर का पैकेट बरामद हुआ। श्रमिकों को जहर का असर दिखने लगा। तबीयत बिगड़ने से सभी श्रमिकों को अस्पताल ले जाया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार अलग अलग टीम बनाई और चारों दिशाओं में जांच का डायरा बढ़ाया। आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और निकुंज को गिरफ्तार कर लिया। सूरत जॉन 1 डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि दुर्गंध की शिकायत सबसे पहले निकुंज ने की थी, दूसरे किसी भी श्रमिक को दुर्गंध महसूस नहीं हुई थी। इस लिए उस पर संदेह हुआ। पहली टीम उनसे पूछताछ कर रही थी। दूसरी टीम ने जहर के पैकेट पर बैच नंबर के जरिए पड़ताल शुरू की। पुलिस को उसमें कामयाबी मिली। जिस दुकान से जहर का पैकेट बेचा गया था। उस दुकान पर पुलिस पहुंची। दुकान के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें निकुंज पैकेट खरीदता हुआ दिख रहा था। पुलिस ने जब दुकानदार से पूछताछ की तो उसने बताया कि उन्होंने हमें ऑनलाइन पेमेंट किया था। तब पुलिस उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।