नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश को जल्द ही फिर से राज्य का दर्जा मिल सकता है। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनकी सकारात्मक मुलाकात हुई है, जिससे उन्हें भरोसा है कि जम्मू-कश्मीर को उसका राज्य का दर्जा वापस मिलेगा।
गौरतलब है कि अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख – में बांट दिया गया था। पिछले सप्ताह गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर का दौरा कर सुरक्षा हालात की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता भी की थी।
उमर अब्दुल्ला ने यह भी जानकारी दी कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने नए वक्फ अधिनियम, 2025 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने कहा, “हमने अदालत का रुख किया है और अब देखना है कि न्यायालय क्या फैसला करता है।” बता दें कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम 8 अप्रैल से लागू हो गया है, और इसके प्रावधानों पर अन्य संगठनों ने भी चिंता जताई है। कई संगठनों ने भी इस अधिनियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं।