ढाका: बांग्लादेश पुलिस के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB) ने देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सहित 12 लोगों के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। यह जानकारी द डेली स्टार की एक रिपोर्ट में शनिवार को सामने आई।
77 वर्षीय शेख हसीना पिछले साल 5 अगस्त से भारत में रह रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हुए छात्र आंदोलनों और सरकार के पतन के बाद उन्होंने बांग्लादेश छोड़ दिया था। इसी आंदोलन ने उनकी पार्टी अवामी लीग (AL) के 16 साल लंबे शासन का अंत कर दिया। NCB के सहायक पुलिस महानिरीक्षक (मीडिया) इनामुल हक सागर ने बताया कि यह अनुरोध अदालतों, लोक अभियोजकों और जांच एजेंसियों से मिली अपीलों के आधार पर किया गया है। उन्होंने बताया, “ये आवेदन उन मामलों से संबंधित हैं, जिनमें जांच या अदालती कार्यवाही के दौरान गंभीर आरोप सामने आए हैं।”
गौरतलब है कि इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस एक अंतरराष्ट्रीय चेतावनी होती है, जो किसी भगोड़े व्यक्ति को अस्थायी तौर पर गिरफ्तार करने और आगे की कानूनी प्रक्रिया जैसे प्रत्यर्पण को शुरू करने में मदद करता है। बता दें कि 8 अगस्त 2024 को मुहम्मद यूनुस द्वारा कार्यवाहक प्रधानमंत्री का पद संभालने के कुछ सप्ताह बाद, इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल (ICT) ने शेख हसीना, उनके पूर्व सहयोगियों और कई सैन्य व सिविल अधिकारियों के खिलाफ “मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार” के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
इसके बाद नवंबर 2024 में ICT के मुख्य अभियोजक कार्यालय ने पुलिस मुख्यालय को इंटरपोल से सहयोग मांगने का औपचारिक प्रस्ताव भेजा। इसके तहत शेख हसीना और अन्य को भगोड़ा घोषित करते हुए उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज करने की मांग की गई।
इस साल 21 जनवरी, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने स्पष्ट किया कि वह शेख हसीना को भारत से वापस लाने के प्रयास जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप की भी मांग करेगी।