पलपल इंडिया प्रतिनिधि। बरेली में कुछ युवकों ने PhonePe जैसा एक फर्जी ऐप बनाकर दुकानदारों को ठगा। वे नकली पेमेंट स्क्रीन दिखाकर सामान ले जाते थे। अब तक 30 से ज्यादा लोगों से ठगी हो चुकी है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश के बरेली में साइबर अपराधियों ने ठगी का ऐसा तरीका अपनाया कि हर कोई हैरान रह गया। PhonePe जैसा दिखने वाला फर्जी ऐप बनाकर दुकानदारों को नकली पेमेंट का भरोसा दिलाकर सामान लेने वाले 2 आरोपियों को फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों की पहचान 19 साल के समर्थ सिंह उर्फ क्रिस तोमर और 19 वर्षीय चाणक्य नईर उर्फ आदि गुप्ता के रूप में हुई है। ये दोनों ही आरोपी फरीदपुर के महादेव मोहल्ले के निवासी हैं। पुलिस ने इनके तीसरे साथी युवराज सिंह चौहान की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब फतेहगंज बाजार के प्रियदर्शी मेडिकल स्टोर के संचालक संयम प्रियदर्शी ने शिकायत दर्ज की। 17 अप्रैल को दो युवक उनकी दुकान पर बाइक से आए और 1140 रुपये की दवाइयां खरीदीं। उन्होंने फोनपे से पेमेंट करने का दावा किया और स्क्रीन पर पेमेंट सक्सेसफुल का मैसेज भी दिखाया। लेकिन जब संयम ने अपने खाते की जांच की तो पैसे नहीं आए थे। शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
PhonePe जैसा हूबहू दिखने वाला फर्जी ऐप बनाया था आरोपियों ने । इस ऐप के जरिए वे दुकानदारों के क्यूआर कोड स्कैन करते थे और नकली पेमेंट स्क्रीन दिखाकर ठगी करते थे। दुकानदारों को लगता था कि पैसे उनके खाते में आ गए, जबकि कोई ट्रांजेक्शन होता ही नहीं था। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने करीब 30 लोगों को ठगा है।
फतेहगंज पूर्वी थाना प्रभारी संतोष कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने मुकदमा संख्या 152/2025 धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। एसपी दक्षिण आंशिका वर्मा ने बताया कि इस तरह की ठगी को रोकने के लिए पुलिस सतर्क है और लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन पेमेंट के समय अपने खाते की जांच जरूर करें। पुलिस ने तीसरे आरोपी युवराज सिंह की तलाश तेज कर दी है और अन्य संभावित पीड़ितों से भी संपर्क कर रही है।