नई दिल्ली. भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र भारतीय वायुसेना ने अपनी तैयारियों को और धार देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में वायुसेना ने एक बड़ा सैन्य अभ्यास ‘एक्सरसाइज आक्रमण’ लॉन्च किया है, जिसका मकसद वास्तविक युद्ध जैसे हालात में पहाड़ी और जमीनी ठिकानों पर हवाई हमलों का अभ्यास करना है।
यह अभ्यास इस समय सेंट्रल सेक्टर में चल रहा है, जहां भारतीय पायलट दुर्गम इलाकों में सटीक निशाना साधने और बमबारी का अभ्यास कर रहे हैं। वायुसेना की यह कवायद उसकी हमलावर क्षमता और रिएक्शन टाइम को बेहतर बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस अभ्यास के लिए पूर्वी सेक्टर से कई आधुनिक सैन्य उपकरणों को सेंट्रल सेक्टर में तैनात किया गया है। इन संसाधनों की मदद से लंबी दूरी तक सटीक हमले किए जा रहे हैं, जिससे पायलटों को प्रिसिशन स्ट्राइक की रियल वॉर सिचुएशन में ट्रेनिंग मिल रही है।
इस अभ्यास की सभी गतिविधियों पर वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी पायलट्स को युद्ध जैसी स्थिति में प्रशिक्षण और त्वरित निर्णय क्षमता का अभ्यास मिल सके। ‘एक्सरसाइज आक्रमण’ भारतीय वायुसेना की आक्रामक रणनीति और युद्ध तत्परता को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसका मकसद यह है कि किसी भी संभावित सैन्य संकट की स्थिति में वायुसेना तुरंत और सटीक जवाब दे सके।
यह अभ्यास भारतीय वायुसेना की बेहतर रणनीतिक योजना, उत्कृष्ट ट्रेनिंग और कार्यक्षमता का प्रतीक है, जो देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।