नई दिल्ली. हैदराबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें ऑनलाइन खरीदारी की लापरवाही एक छात्र को भारी पड़ गई। 23 वर्षीय छात्र ने इंटरनेट पर एवोकाडो खरीदने के लिए एक विक्रेता की तलाश की थी। इसी दौरान उसे विजयवाड़ा के एक सप्लायर का पता चला, लेकिन असली सप्लायर के बजाय वह साइबर ठगों के जाल में फंस गया।
ठगों ने पहले डिलीवरी के लिए ईंधन खर्च के नाम पर पैसे मांगे, जिसे छात्र ने बिना संदेह के ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद उन्होंने वाहन दुर्घटना का बहाना बनाकर मरम्मत के नाम पर और पैसे ऐंठे। फिर ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन रोकने का हवाला देकर अतिरिक्त भुगतान की मांग की गई। ठगों ने छात्र का विश्वास जीतने के लिए एक फर्जी चेक की फोटो भी भेजी, जिसमें उसके पैसे लौटाने का वादा किया गया था।
कुछ झिझक के बावजूद छात्र ने अपनी बैंक डिटेल्स साझा कर दी और ठगों के लगातार दबाव में आकर कई बार पैसे भेजे। जीएसटी बचाने और थर्ड पार्टी से भुगतान कराने जैसे बहाने बनाकर ठगों ने उससे बार-बार रकम ऐंठी। जब छात्र ने पैसे भेजने से इनकार किया तो उसे धमकी दी गई कि बाकी पैसे जमा किए बिना चेक जारी नहीं किया जाएगा।
सच सामने आने पर दर्ज कराई शिकायत
अंततः छात्र को एहसास हुआ कि वह धोखाधड़ी का शिकार हो चुका है। कुल मिलाकर वह 2.6 लाख रुपये गंवा बैठा। इसके बाद उसने तुरंत साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लोगों को ऑनलाइन खरीदारी करते समय सतर्क रहने की सख्त सलाह दी है।