पाकिस्तान का बड़ा कदम: ISI चीफ असीम मलिक को सौंपी गई NSA की जिम्मेदारी

By: PalPal India News
May 1, 2025

नई दिल्ली. भारतीय सेना की सख्त कार्रवाई के बाद पाकिस्तान एक बार फिर दबाव में नजर आ रहा है। इसी घबराहट के बीच उसने आधी रात को बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। पाकिस्तान ने इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद असीम मलिक को देश का नया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नियुक्त कर दिया है। यह जिम्मेदारी उन्हें फिलहाल अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है।

पहलगाम हमले के बाद हालात और तनावपूर्ण

यह फैसला भारत में हुए हालिया पहलगाम आतंकी हमले के बाद लिया गया है, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। भारतीय सेना ने इस हमले के जवाब में निर्णायक तेवर अपनाए हैं, जिससे पाकिस्तान में खलबली मच गई है। इसी बेचैनी में इस्लामाबाद ने अपनी सुरक्षा नीतियों को मजबूत करने के नाम पर ISI प्रमुख को NSA का पद भी सौंप दिया है। यह कदम पाकिस्तान की रणनीतिक उलझनों और अंदरूनी अस्थिरता को उजागर करता है।

भारत के सख्त रुख के कारण पाकिस्तान न केवल सैन्य मोर्चे पर बैकफुट पर है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी उसकी छवि को गहरा आघात पहुंचा है। आतंकवाद को समर्थन देने के आरोपों के चलते वह अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना कर रहा है।

LOC पर लगातार गोलीबारी

इन राजनीतिक और सैन्य बदलावों के बीच पाकिस्तान की सेना नियंत्रण रेखा (LoC) पर लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन कर रही है। लगातार सातवें दिन जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, उरी और अखनूर सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की ओर से छोटे हथियारों से फायरिंग की गई। भारतीय सेना ने हर बार इसका सटीक और सख्त जवाब दिया है। इससे पहले 28, 29 और 30 अप्रैल को भी ऐसी ही नापाक हरकतें देखने को मिली थीं।

क्या बदलेगी असीम मलिक की नई भूमिका से पाकिस्तान की दिशा?

लेफ्टिनेंट जनरल असीम मलिक को पाकिस्तान के सबसे ताकतवर सैन्य अधिकारियों में गिना जाता है। ISI प्रमुख के रूप में वह पहले ही आंतरिक और बाहरी खुफिया तंत्र को नियंत्रित कर रहे हैं। अब NSA की जिम्मेदारी मिलने से उनके हाथों में रणनीतिक फैसलों की और भी ज्यादा ताकत आ गई है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या यह दोहरी भूमिका पाकिस्तान की नीति में कोई ठोस बदलाव ला पाएगी या यह सिर्फ एक तात्कालिक और घबराहट में लिया गया फैसला साबित होगा?

भारत की आक्रामक सैन्य और कूटनीतिक रणनीति के दबाव में पाकिस्तान की हालत बेहद अस्थिर दिख रही है। ISI चीफ को NSA की जिम्मेदारी सौंपना इस ओर इशारा करता है कि इस्लामाबाद अपनी नीति में बड़े बदलाव करने को मजबूर हो रहा है। लेकिन जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के प्रति अपनी नीति नहीं बदलता, तब तक इस तरह के फैसले उसकी छवि और सुरक्षा हालात में कोई वास्तविक सुधार नहीं ला पाएंगे।

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