हिंदुस्तान में बच्चे नहीं रह सकते और पाकिस्तान मुझे नहीं आने दे रहा, समरीन ने लगाई PM मोदी से मदद की गुहार

By: PalPal India News
May 1, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधिपाकिस्तान से आई समरीन अपने दो बच्चों के साथ भोपाल में रहती हैं। लेकिन उसके सामने एक बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई है क्युकी वो भारतीय मूल की हैं और उनके बच्चे पाकिस्तान में पैदा हुए हैं। अब, वीजा विवाद ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है।

पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। जहाँ भारत ने पकिस्तान नागरिकों को बापस पकिस्तान जाने के लिए कहा है ऐसे में समरीन नाम की महिला का है, जो भोपाल की हैं और उनकी शादी पाकिस्तान में हुई है। अब वीजा विवाद की वजह से वो परेशान हैं। समरीन की शादी पाकिस्तान में हुई है और उनके दोनों बच्चों का जन्म भी पाकिस्तान में हुआ है। लेकिन समस्या ये है की समरीन भारतीय मूल की हैं, लिहाजा उन्हें वीजा की जरूरत नहीं, लेकिन उनके दोनों बच्चे पाकिस्तान मूल के हैं और शॉर्ट टर्म वीजा पर भारत आए थे। समरीन, भारतीय पासपोर्ट पर पाकिस्तान का लॉन्ग टर्म टूरिस्ट वीजा लेने के लिए आई थीं, लेकिन पहलगाम हमले के बाद सरकार ने सभी शॉर्ट टर्म वीजा रद्द कर दिए हैं और समरीन के दोनों बच्चों को पाकिस्तान वापस जाने के लिए कहा गया है। समस्या यह है कि समरीन के दोनों बच्चे बेहद छोटे हैं और अकेले पाकिस्तान नहीं जा सकते और समरीन भारत से हैं, इसलिए पाकिस्तान उन्हें वीजा नहीं दे रहा, जिससे समरीन काफी परेशान हैं।

2 छोटे बच्चे है समरीन के

समरीन के दो बच्चे हैं, एक 1.5 साल की बेटी जुनैरा और 6 साल का बेटा मोहम्मद सजील है। दोनों पहली बार भारत आए थे। समरीन के पति शिपिंग कंपनी में काम करते हैं और दुबई में पोस्टेड हैं, जबकि पाकिस्तान में सिर्फ उनकी सास रहती हैं, जो खुद बीमार हैं। ऐसे में बच्चों को अकेले पाकिस्तान नहीं भेज सकती हैं।

वहीँ समरीन का कहना है कि हमले के बाद पुलिस ने उनके वीजा और डाक्यूमेंट्स देखें और कहा कि सरकार का जो फैसला होगा वो आपको बता दिया जाएगा। समरीन का कहना है कि या तो सरकार उनके बच्चों के वीजा को एक्स्टेंड करे या फिर उन्हें पाकिस्तान का वीजा दिलवाने में मदद करे, ताकि वो अपने बच्चों को लेकर पाकिस्तान जा सकें। पहलगाम हमले को लेकर समरीन ने कहा कि जो लोग मारे गए हैं उनके परिवार के लोग ही इस दर्द को जानते हैं और जिन्होंने यह किया है उन्हें सख्त सजा दी जाए।

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