फिल्म लापता लेडीज से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाली अभिनेत्री छाया कदम अब एक गंभीर विवाद में फंस गई हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने संरक्षित वन्यजीवों का मांस खाया, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत एक दंडनीय अपराध है।
मुंबई स्थित एनजीओ ‘प्लांट एंड एनिमल वेलफेयर सोसाइटी (PAWS)’ ने छाया कदम के कुछ पुराने बयानों पर आपत्ति जताई है, जिनमें उन्होंने कथित तौर पर माउस डियर, खरगोश, जंगली सुअर, गोह (मॉनिटर लिज़र्ड) और साही (पॉर्क्यूपाइन) का मांस खाने की बात कही थी। ये सभी जानवर संरक्षित श्रेणी में आते हैं, जिनका शिकार या सेवन कानूनन प्रतिबंधित है।
वन विभाग की विशेष जांच टीम सक्रिय
वन विभाग ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है, जो न सिर्फ छाया कदम के बयानों की सत्यता की जांच करेगी, बल्कि यह भी पता लगाएगी कि यह मांस कहां से आया, शिकार किसने किया और इसमें और कौन-कौन शामिल था।
जांच अधिकारी राकेश भोइर ने जानकारी दी कि, “हमने छाया कदम से संपर्क किया है। उन्होंने बताया कि वे फिलहाल एक पेशेवर दौरे पर शहर से बाहर हैं और चार दिन बाद लौटेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वे कानूनी सलाह ले रही हैं और लौटने के बाद जांच में पूरा सहयोग करेंगी।”
क्या हो सकती है सजा?
अगर छाया कदम पर लगे आरोप सिद्ध होते हैं, तो उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसके साथ ही जिन लोगों ने यह मांस उन्हें उपलब्ध कराया, उन पर भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।