नई दिल्ली, मई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की नई डिप्टी गवर्नर डॉ. पूनम गुप्ता ने पदभार ग्रहण कर लिया है। वे अब आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की सदस्य भी होंगी। केंद्र सरकार ने उन्हें 2 अप्रैल को इस पद पर नियुक्त किया था। डॉ. गुप्ता का कार्यकाल पदभार संभालने की तिथि से तीन वर्ष या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
डॉ. गुप्ता ऐसे समय में यह जिम्मेदारी संभाल रही हैं जब वैश्विक आर्थिक परिदृश्य चुनौतियों से भरा हुआ है और मुद्रास्फीति दरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। उनकी गहरी आर्थिक विशेषज्ञता इन परिस्थितियों में केंद्रीय बैंक के लिए उपयोगी साबित होगी।
आरबीआई द्वारा जारी बयान के अनुसार, डॉ. गुप्ता जिन विभागों का कार्यभार संभालेंगी उनमें मौद्रिक नीति विभाग, वित्तीय बाजार परिचालन विभाग, आर्थिक और नीति अनुसंधान विभाग, वित्तीय स्थिरता विभाग, अंतरराष्ट्रीय विभाग, सांख्यिकी और सूचना प्रबंधन विभाग, कॉर्पोरेट रणनीति और बजट विभाग तथा संचार विभाग शामिल हैं।
पदभार ग्रहण करने से पहले डॉ. गुप्ता ने नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) में महानिदेशक के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने आर्थिक विकास, केंद्रीय बैंकिंग, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे, सार्वजनिक ऋण और राज्य वित्त जैसे विषयों पर काम किया।
इसके अलावा, वे प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य और 16वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद की संयोजक भी रह चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी डॉ. गुप्ता का अनुभव समृद्ध रहा है। उन्होंने लगभग दो दशक तक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। शिक्षण के क्षेत्र में भी उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड (यूएसए) में अध्यापन किया है, साथ ही वे भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई), दिल्ली में विजिटिंग फैकल्टी रह चुकी हैं।
वे आरबीआई चेयर प्रोफेसर (एनआईपीएफपी) और आईसीआरआईईआर में प्रोफेसर के रूप में भी जुड़ी रही हैं। डॉ. गुप्ता ने कई शोध पत्र प्रकाशित किए हैं और “इमर्जिंग जायंट्स: चाइना एंड इंडिया इन द वर्ल्ड इकोनॉमी” नामक पुस्तक का संपादन भी किया है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड, यूएसए से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री और पीएचडी तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से भी अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है।