वाशिंगटन. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिल्म इंडस्ट्री को लेकर एक बड़ा और विवादास्पद फैसला किया है। उन्होंने ऐलान किया है कि अमेरिका के बाहर निर्मित सभी फिल्मों पर अब 100% टैरिफ (आयात शुल्क) लगाया जाएगा। ट्रंप का मानना है कि विदेशी सरकारों द्वारा दिए जा रहे भारी-भरकम इंसेंटिव्स के चलते अमेरिकी फिल्म निर्माता देश से बाहर शूटिंग के लिए मजबूर हो रहे हैं, जिससे अमेरिका की फिल्म इंडस्ट्री को नुकसान हो रहा है।
रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप ने लिखा, “दूसरे देश हमारी फिल्म इंडस्ट्री को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर कर रहे हैं। यह सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी मुद्दा है। फिल्में केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि प्रचार और विचारों के वाहक भी होती हैं।” उन्होंने कहा कि उन्होंने अमेरिका के वाणिज्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दे दिया है कि वे इस नीति को लागू करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करें। ट्रंप ने नया नारा भी दिया: “WE WANT MOVIES MADE IN AMERICA, AGAIN!”
व्यापक असर की आशंका- अमेरिका के वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक ने ट्रंप की घोषणा का समर्थन करते हुए X (पूर्व ट्विटर) पर कहा, “हम इस पर तेजी से काम कर रहे हैं।” हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि यह टैरिफ किन पर लागू होगा — विदेशी प्रोडक्शन हाउस पर या उन अमेरिकी कंपनियों पर जो विदेशों में शूटिंग करती हैं।
फैसले की पृष्ठभूमि- FilmLA की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीते एक दशक में लॉस एंजेलिस में फिल्म और टीवी प्रोडक्शन में करीब 40% की गिरावट आई है। इसके पीछे बड़ा कारण यह माना जा रहा है कि कनाडा, ब्रिटेन और अन्य देशों द्वारा दिए जा रहे टैक्स क्रेडिट्स और कैश रिबेट्स फिल्म निर्माताओं को विदेश की ओर आकर्षित कर रहे हैं। Ampere Analysis की एक रिपोर्ट बताती है कि 2025 में वैश्विक स्तर पर कंटेंट प्रोडक्शन में करीब 248 अरब डॉलर खर्च होने की संभावना है, जिसका बड़ा हिस्सा अमेरिका के बाहर खर्च किया जाएगा।
हॉलीवुड और वैश्विक सिनेमा में तनाव की शुरुआत? ट्रंप के इस फैसले से न सिर्फ हॉलीवुड, बल्कि पूरी वैश्विक फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मच सकती है। इससे अमेरिका और अन्य देशों के बीच फिल्म व्यापार को लेकर तनाव बढ़ने की आशंका है, और वैश्विक सिनेमा बाजार में प्रतिस्पर्धा और अधिक तीखी हो सकती है।