नई दिल्ली. भारत-पाक सीमा पर तनाव अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुका है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने अब आतंकी संगठन हमास की रणनीति अपनाते हुए सस्ते और तेजी से दागे जा सकने वाले मिसाइलों से हमला शुरू कर दिया है। जम्मू के आसमान में रात को हुए विस्फोट और चमकते फ्लैश इस बात की पुष्टि करते हैं कि पाकिस्तान की सेना अब पारंपरिक सैन्य मर्यादाओं से हटकर आतंकी समूहों जैसी हरकतों पर उतर आई है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 7 मई की रात पाकिस्तान ने जम्मू, श्रीनगर, पठानकोट, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और भुज जैसे शहरों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए। लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली, विशेष रूप से S-400 और इंटीग्रेटेड काउंटर-UAS ग्रिड की सक्रियता के चलते सभी हमले हवा में ही नाकाम कर दिए गए।
इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम और राडार पर जवाबी हमला करते हुए लाहौर स्थित एक प्रमुख रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय कर दिया। पाकिस्तान ने गुरुवार को जम्मू के सतवारी, सांबा, आरएस पुरा और अर्निया सेक्टरों में आठ मिसाइलें दागीं, जिन्हें भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया। इसके अलावा, उधमपुर और जैसलमेर में पाकिस्तानी ड्रोन भी भारतीय रडार पर आए और उन्हें भी समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया। देश की सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए राजस्थान के बीकानेर, पंजाब के जालंधर और अमृतसर, और जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़, सांबा, जम्मू तथा अखनूर में अस्थायी ब्लैकआउट किया गया, ताकि एयर डिफेंस यूनिट्स को प्रभावी निगरानी में मदद मिल सके। भारत ने पहले ही पाहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान और POK स्थित आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस अभियान में 100 से अधिक आतंकियों को ढेर कर दिया गया। भारत ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि भारत ने किसी भी प्रकार की सैन्य या नागरिक ठिकानों को नुकसान नहीं पहुंचाया है। उन्होंने कहा, “हमारी कार्रवाई संयमित, सटीक और केवल आतंकियों के ठिकानों तक सीमित रही है। यदि पाकिस्तान ने दोबारा उकसाया, तो जवाब और भी कठोर होगा।”