नई दिल्ली. पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के खिलाफ नापाक साजिश रचने की कोशिश की, लेकिन इस बार भी उसे भारतीय सेना की मुंहतोड़ प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा। बीती रात पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के कई क्षेत्रों में एक साथ ड्रोन भेजकर हमले की कोशिश की गई, जिसे भारतीय वायु रक्षा यूनिट्स ने सफलतापूर्वक विफल कर दिया।
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, जम्मू, उधमपुर, सांबा, अखनूर, नगरोटा और पठानकोट जैसे संवेदनशील इलाकों में सेना ने कार्रवाई करते हुए 50 से ज्यादा पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया। इस अभियान में L-70 गन, Zu-23mm, शिल्का सिस्टम और उन्नत काउंटर-ड्रोन तकनीकों का इस्तेमाल किया गया, जो यह दर्शाता है कि भारतीय सेना हवाई खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्षम है।
स्थिति नियंत्रण में, सामान्य जनजीवन प्रभावित नहीं
जम्मू से प्राप्त सुबह की तस्वीरों से यह स्पष्ट है कि शहर में हालात सामान्य हैं। हालांकि सीमा के नजदीकी क्षेत्रों में तनाव बना हुआ है, लेकिन बाकी क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य रूप से जारी है।
इस बीच, उरी सेक्टर से गंभीर खबर सामने आई है। वहां पाकिस्तान की फायरिंग में आम नागरिकों की गाड़ियों को निशाना बनाया गया है। गोलियों और शार्पनल के निशान साफ दर्शाते हैं कि पाकिस्तानी सेना अब सीधे नागरिकों को निशाना बना रही है, जो उसकी कायरता और अंतरराष्ट्रीय मानकों की अवहेलना को दर्शाता है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। सेना और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि रात भर गोलियों और धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। एक व्यक्ति ने बताया, “रात को खाना खाते वक्त धमाके शुरू हो गए और सुबह 4:30 बजे फिर से भारी आवाजें आईं, जिन्हें सेना ने जल्द ही नियंत्रित कर लिया।”
एक अन्य नागरिक ने कहा, “रात करीब 8 बजे आसमान में 3-4 ड्रोन नजर आए, जिसके बाद फायरिंग शुरू हो गई। यह पूरी रात चलती रही। हम डरने वाले नहीं हैं। हमें अपनी सेना और प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है।”