राजगढ़ः मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में शादी की खुशियाँ पल भर में मातम में उस वक्त बदल गई जब राजगढ़ जिले के खुजनेर में एक शादी समारोह के दौरान सात साल की बच्ची नाइट्रोजन से भरे खुले बर्तन में गिर गई। इससे वह 80 प्रतिशत झुलस गई। बच्ची को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन बचाया जा नहीं सका।
खेलते-खेलते नाइट्रोजन से भरे बर्तन में गिरी बच्ची
जानकारी के अनुसार, बाढ़ गांव निवासी राजेश गुप्ता अपने परिवार के साथ खुजनेर में रिश्तेदार के यहां आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। शादी समारोह के दौरान शादी की रस्म चल रही थी। तभी दूल्हा-दुल्हन की फॉग स्मोक से एंट्री होनी थी। जिसके लिए एक बर्तन में ठंडी नाइट्रोजन को भर रखा था। इस समय 7 साल की वाहिनी गुप्ता भी वहीं पर खेल रही थी। खेलते-खेलते अचानक बच्ची नाइट्रोजन से भरे बर्तन में गिर गई। जिससे वह करीब 80% तक झुलस गई। परिजन तत्काल इंदौर के अस्पताल में ले गए। बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची पांच दिन तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखी गई थी।
परिजनों ने बच्ची का नेत्रदान किया
डॉक्टर और परिजन बच्ची को बेशक नहीं बचा पाए लेकिन समाज को एक बड़ा मैसेज जरुर दे दिया। बच्ची की आंख को परिजनों ने दान कर दिया। नेत्रदान के बाद इस आंख का इस्तेमाल किसी जरुरतमंद के लिए किया जाएगा। नवज्योति नेत्रदान समिति और पूजा गुप्ता के प्रयासों से एमके इंटरनेशनल आई बैंक इंदौर की टीम के प्रयासों से परिजनों ने नेत्रदान की सहमति दी।