कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां हेयर ट्रांसप्लांट के नाम पर दो इंजीनियरों की जान चली गई। कल्याणपुर क्षेत्र में क्लीनिक चलाने वाली डॉ. अनुष्का तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने बिना उचित योग्यता और मान्यता के सिर की सर्जरी जैसे जटिल चिकित्सा कार्य किए। डॉ. अनुष्का के पास सिर्फ बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) की डिग्री है, जो केवल दंत चिकित्सा की अनुमति देती है। बावजूद इसके उन्होंने बिना किसी विशेषज्ञ प्रशिक्षण या अनुमति के हेयर ट्रांसप्लांट की सर्जरी की, जिसके चलते अब तक दो मरीजों की मौत हो चुकी है और कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
मृतकों में पनकी पावर हाउस में कार्यरत इंजीनियर विनीत दुबे और फर्रुखाबाद के इंजीनियर मयंक कटियार शामिल हैं। दोनों ने अनुष्का की क्लीनिक में 40 हजार रुपये देकर हेयर ट्रांसप्लांट करवाया था।
सर्जरी के कुछ ही दिनों बाद दोनों इंजीनियरों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। विनीत दुबे की पत्नी जया ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने इलाज से पहले ही नकद पैसा वसूल लिया और इलाज के नाम पर घोर लापरवाही बरती गई। जया ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है दूसरी ओर, मयंक कटियार के परिवार ने बताया कि डॉक्टर अनुष्का ने करीब पांच घंटे तक सर्जरी की और मयंक को गंभीर स्थिति में घर भेज दिया। कुछ ही दिनों में संक्रमण ने पूरे शरीर को जकड़ लिया और उनकी भी मौत हो गई।
यह मामला चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है और यह भी दर्शाता है कि बिना विशेषज्ञता और प्रमाणन के इस तरह के सर्जिकल हस्तक्षेप कितने घातक हो सकते हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की जा रही है कि इस लापरवाही के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी की जाए।