नई दिल्ली: तुर्की की एयरपोर्ट ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी Celebi Aviation ने भारत सरकार के उस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उसकी सुरक्षा मंजूरी (Security Clearance) को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया था। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए की गई थी, लेकिन कंपनी का कहना है कि यह फैसला बिना ठोस कारण और पूर्व सूचना के लिया गया।
भारत सरकार ने गुरुवार को यह फैसला लेते हुए कहा कि यह कदम “राष्ट्रीय हित” की रक्षा के लिए आवश्यक था। नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोळ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि देश के विभिन्न हिस्सों से Celebi के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं और लोगों ने कंपनी पर बैन लगाने की मांग की थी। इसी के चलते सुरक्षा मंजूरी रद्द करने का निर्णय लिया गया Celebi ने कोर्ट में कहा है कि इस फैसले से कंपनी की भारत में मौजूदगी पर गंभीर असर पड़ेगा। कंपनी का दावा है कि करीब 3,791 कर्मचारी भारत में उसके साथ काम कर रहे हैं, और अब उनकी नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है। इसके अलावा, कंपनी का यह भी कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से विदेशी निवेशकों के विश्वास को नुकसान पहुंच सकता है। Celebi भारत के दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, गोवा और केरल के प्रमुख हवाई अड्डों पर ग्राउंड हैंडलिंग और कार्गो सेवाएं प्रदान कर रही थी। लेकिन अब दिल्ली एयरपोर्ट प्राधिकरण ने भी आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी है कि वह Celebi के साथ अपने सभी अनुबंध समाप्त कर रहा है।
अब यह देखना होगा कि दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले में क्या फैसला सुनाती है। Celebi की ओर से यह दलील दी गई है कि उसे अपनी बात रखने का मौका भी नहीं दिया गया, और यह निर्णय प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। भारत सरकार और Celebi के बीच यह कानूनी टकराव, राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम कारोबारी पारदर्शिता और विदेशी निवेश के संतुलन का एक अहम मामला बन गया है।