नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का व्यापक अभियान जारी है। बुधवार सुबह से चल रही मुठभेड़ में अब तक 26 से अधिक माओवादियों के मारे जाने की सूचना है। ऑपरेशन के दौरान एक जवान शहीद हुआ है। एसपी प्रभात कुमार के अनुसार, माओवादियों के माड़ डिवीजन के बड़े कैडर की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर डीआरजी की टीमों ने नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव जिलों की संयुक्त कार्रवाई में अबूझमाड़ क्षेत्र में ऑपरेशन शुरू किया। जंगल में अब तक 20 नक्सलियों के शव और हथियार बरामद किए जा चुके हैं। मुठभेड़ दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर की सीमाओं पर जारी है। मारे गए नक्सलियों में कई बड़े कैडर के सदस्य भी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, नक्सल संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य और महासचिव बसवा राजू, जो कि डेढ़ करोड़ का इनामी है, बोटेर क्षेत्र में मौजूद था। इसी सूचना के आधार पर ऑपरेशन चलाया गया। बताया जा रहा है कि उत्तर-पश्चिम सब डिवीजन के प्रभारी रूपेश भी इस मुठभेड़ में फंसे हुए हैं। वहीं, शांतिवार्ता को लेकर अब तक तीन बार पत्र जारी किया जा चुका है। इससे पहले पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर कर्रेगुट्टा के पहाड़ों में 24 दिन चले अभियान में 31 नक्सलियों को मार गिराया गया था। इनमें 16 महिला और 15 पुरुष नक्सली शामिल थे।
बालाघाट में भी मुठभेड़, नक्सली भाग निकले
मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के लांजी थाना अंतर्गत डाबरी चौकी क्षेत्र में मंगलवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। दोपहर लगभग 2 बजे हॉकफोर्स की टीम जब बिलालकसा गांव के पास जंगल में पहुंची तो सूखे पत्तों की आवाज से नक्सलियों को पुलिस की मौजूदगी का अहसास हो गया। 15-20 नक्सलियों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसका जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। हालांकि, नक्सली मौके से भागने में सफल रहे।
सर्चिंग में मिले सोलर पैनल, दवाएं और राशन
मंगलवार अलसुबह हॉकफोर्स और सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट की 12 टीमों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। जिस स्थान पर नक्सली छिपे थे, वहां घने पेड़ों और बड़े पत्थरों की आड़ में जवानों ने खुद को सुरक्षित रखा। सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों को नक्सलियों के ठिकानों से सोलर प्लेट, राशन और दवाइयां भी बरामद हुई हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सर्च अभियान तेज कर दिया गया है।